
CG में IED ब्लास्ट में ASP आकाश राव गिरिपुंजे शहीद:रायपुर मेकाहारा पहुंचा पार्थिव शरीर, फूट-फूटकर रोए जवान, कोंटा SDOP-TI जख्मी, CM बोले-नक्सलियों का अस्तित्व मिटा देंगे
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के IED ब्लास्ट की चपेट में आने से कोंटा डिवीजन के ASP आकाश राव गिरिपुंजे शहीद हो गए हैं। वारदात में कोंटा SDOP भानुप्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला घायल हैं, जिन्हें रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहीद आकाश राव गिरिपुंजे का पार्थिव शरीर रायपुर के मेकाहारा लाया गया है। मेकाहारा में पोस्टमॉर्टम के बाद शव को उनके निवास ले जाया जाएगा। एएसपी की शहादत की सूचना मिलने पर उनकी टीम के जवान फूट-फूटकर रोते रहे।







वहीं घायल SDOP और TI को सुकमा में इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया है। रायपुर के एक निजी अस्पातल में भर्ती कराया गया है। घायल एसडीओपी और टीआई की हालत खतरे से बाहर हैं।
इसे लेकर CM साय ने कहा कि नक्सलियों को अब भुगतना होगा। उनके खात्मे के दिन नजदीक आ गए हैं। छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का अस्तित्व ही खत्म कर दिया जाएगा। वहीं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अब नक्सलियों से कोई बातचीत नहीं होगी।
जानिए कैसे चपेट में आ गए ASP ?




दरअसल, नक्सलियों ने कल यानी 10 जून को भारत बंद का आह्वान किया था। इससे पहले नक्सलियों ने दहशत फैलाने के लिए खदान में एक JCB में आग लगा दी थी। खबर के बाद एएसपी आकाश राव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।
इस दौरान वह खदान में जली हुई JCB के पास गए। जैसे ही वह मशीन के पास पहुंचे। नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर दिया, जिसकी चपेट में तीनों पुलिस अधिकारी आ गए।
ASP आकश राव गिरिपुंजे की तस्वीरें देखिए

आकाश राव रायपुर, महासमुंद में भी पोस्टेड रहे
शहीद एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे रायपुर और महासमुंद में भी पोस्टेड रहे। उनका परिवार रायपुर में ही रहता है। उनकी स्कूलिंग भी रायपुर में हुई है। वे पूर्व कांग्रेसी पार्षद के भतीजे हैं। वहीं उनकी शहादत की खबर के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।




परिवार-समाज गर्व महसूस करता था- बसंत राव
चाचा बसंत राव गिरिपुंजे से जब हमने बात करने की कोशिश की तो उनके आंसू छलक आए। उन्होंने बताया कि आकाश बचपन से होनहार था। उनके पिता पढ़े लिखे नहीं थे, पीएससी में आकाश के सिलेक्ट होकर डीएसपी बनने से उस पर परिवार, समाज गर्व महसूस करता था।

बम 2 फीट के नीचे, तो डिटेक्ट नहीं हो सकता
इससे पहले हमने खबर की थी कि नक्सलियों ने बम या IED जमीन के दो फीट से ज्यादा गहराई में लगाई हो, तो जवानों के पास ऐसी कोई मशीन नहीं कि उसका पता लगाया जा सके। बीजापुर में हुए नक्सली हमले में भी यही हुआ। इसमें 1 ड्राइवर और 8 जवान शहीद हो गए थे। इसमें आईईडी को करीब पांच फीट नीचे लगाया गया था।




