दुर्ग भिलाई से बैंक खाते किराए पर देने वाले 13 लोग गिरफ्तार:10 लाख के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा; इन्हीं खातों में जमा हुई साइबर ठगी की रकम
By Dinesh chourasiya

दुर्ग पुलिस ने 13 ऐसे बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार किया है, जिनके खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया जा रहा था। पुलिस की जांच में करीब 10 लाख रुपए के संदिग्ध साइबर ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। यह कार्रवाई सुपेला, खुर्सीपार थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने की है।







गिरफ्तार किए गए लोग कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों या उनके एजेंटों को दे देते थे। इसके बाद ठगी से मिली रकम इन्हीं खातों के जरिए अलग-अलग खातों में भेजी जाती थी, ताकि असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।
2 हजार से 15 हजार तक कमीशन का लालच




पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने अपने खाते और बैंक से जुड़े दस्तावेज 2 हजार से 15 हजार रुपए तक के कमीशन के बदले दूसरे लोगों को दिए थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को छिपाने और अलग-अलग जगह ट्रांसफर करने में किया गया।
जांच के बाद सुपेला थाना क्षेत्र के बंधन बैंक के 9 खाताधारकों और खुर्सीपार थाना क्षेत्र के इंडियन बैंक के 4 खाताधारकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। इस मामले में सुपेला थाना में अपराध दर्ज किया गया है।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में डी. श्रीनिवास राव (32) निवासी सेक्टर-2 भिलाई, मनीष सिंह मट्टू (36) निवासी सेक्टर-2 भिलाई, जितेंद्र साहू (37) निवासी करहीडीह दुर्ग, यश यादव (20) निवासी गिरधारी नगर दुर्ग, मयंक पटेल (25), रोशन सारथी (24), तुषार कसरे (22) और प्रवीण कुशवाहा (25) निवासी शंकर नगर दुर्ग।
प्रवीण कुमार (21) निवासी समोदा-जेवरा सिरसा, अजय बंसोड़ (44) निवासी बीड़ी कॉलोनी उरला, संगीत साहू (28) निवासी हरना बांधा दुर्ग, उभय यादव (20) निवासी सुपेला भिलाई तथा डीलेश मरकाम निवासी सिकोला बस्ती दुर्ग शामिल है।
पुलिस ने जब्त किया बैंक पासबुक-एटीएम
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंक से जुड़े अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण और रिकॉर्ड की जांच की गई। इसमें सामने आया कि कई खातों में साइबर ठगी से जुड़ी रकम का लेनदेन हुआ है






