
ब्रेकिंग न्यूज़ बारिश ने खोली नगर पालिका की तैयारियों की पोल, बालोद के कई वार्ड बने तालाब
शंकर नगर, रेलवे कॉलोनी, शिक्षक नगर, आदर्श नगर, नयापारा और आमापारा में जलभराव से जनजीवन बेहाल, लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
योगेश्वर रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद, 29 जुलाई 2026।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका परिषद बालोद की मानसून पूर्व तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई वार्डों में भारी जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई, जिससे आमजन का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, कई स्थानों पर घरों और दुकानों के सामने पानी भर गया तथा लोगों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में वार्ड क्रमांक 19 स्थित शंकर नगर शामिल है, जहां सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। कई जगहों पर पानी घरों के दरवाजों तक पहुंच गया, जिससे लोगों में भय और परेशानी का माहौल बना रहा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के समय यही स्थिति बनती है, लेकिन नगर पालिका द्वारा स्थायी जल निकासी की व्यवस्था आज तक नहीं की गई।
इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 11, गंजपारा स्टेडियम के पीछे स्थित आदर्श नगर में भी भारी जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रहवासियों ने नगर पालिका से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करने और स्थायी समाधान की मांग की है।
वार्ड क्रमांक 03, नयापारा स्थित कपिलेश्वर मंदिर के पास जलभराव के कारण आने-जाने का मार्ग बाधित हो गया। स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वार्ड क्रमांक 12, समता कॉलोनी के पीछे आमापारा क्षेत्र में भी सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित रहा। कई परिवारों ने जल निकासी की समस्या को लेकर चिंता जताई।
इसके अलावा वार्ड क्रमांक 02, रेलवे कॉलोनी एवं शिक्षक नगर में भी बारिश का पानी सड़कों और गलियों में भर जाने से लोगों को घंटों तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए आवागमन जोखिम भरा बन गया।
लगातार सामने आ रही इन तस्वीरों ने नगर पालिका परिषद बालोद की जल निकासी व्यवस्था और मानसून पूर्व तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहरवासियों का कहना है कि हर वर्ष नालियों की सफाई और मानसून की तैयारियों के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में शहर के कई वार्ड जलमग्न हो जाते हैं। लोगों ने मांग की है कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने के बजाय ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत किया जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
अब शहरवासियों की निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिकी हैं कि वह प्रभावित वार्डों में राहत कार्य और जल निकासी की व्यवस्था कितनी तेजी से करता है तथा इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।







