लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका परिषद बालोद की मानसून पूर्व तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई वार्डों में भारी जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई, जिससे आमजन का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, कई स्थानों पर घरों और दुकानों के सामने पानी भर गया तथा लोगों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में वार्ड क्रमांक 19 स्थित शंकर नगर शामिल है, जहां सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। कई जगहों पर पानी घरों के दरवाजों तक पहुंच गया, जिससे लोगों में भय और परेशानी का माहौल बना रहा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के समय यही स्थिति बनती है, लेकिन नगर पालिका द्वारा स्थायी जल निकासी की व्यवस्था आज तक नहीं की गई।
इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 11, गंजपारा स्टेडियम के पीछे स्थित आदर्श नगर में भी भारी जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रहवासियों ने नगर पालिका से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करने और स्थायी समाधान की मांग की है।
वार्ड क्रमांक 03, नयापारा स्थित कपिलेश्वर मंदिर के पास जलभराव के कारण आने-जाने का मार्ग बाधित हो गया। स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वार्ड क्रमांक 12, समता कॉलोनी के पीछे आमापारा क्षेत्र में भी सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित रहा। कई परिवारों ने जल निकासी की समस्या को लेकर चिंता जताई।
इसके अलावा वार्ड क्रमांक 02, रेलवे कॉलोनी एवं शिक्षक नगर में भी बारिश का पानी सड़कों और गलियों में भर जाने से लोगों को घंटों तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए आवागमन जोखिम भरा बन गया।
लगातार सामने आ रही इन तस्वीरों ने नगर पालिका परिषद बालोद की जल निकासी व्यवस्था और मानसून पूर्व तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहरवासियों का कहना है कि हर वर्ष नालियों की सफाई और मानसून की तैयारियों के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में शहर के कई वार्ड जलमग्न हो जाते हैं। लोगों ने मांग की है कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने के बजाय ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत किया जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
अब शहरवासियों की निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिकी हैं कि वह प्रभावित वार्डों में राहत कार्य और जल निकासी की व्यवस्था कितनी तेजी से करता है तथा इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
अपराधियों के विरुद्ध दुर्ग पुलिस का विशेष अभियान (20 से 26 अक्टूबर 2026)
16 hours ago
CG में 100 करोड़ की ठगी के आरोप में बीजेपी नेता गिरफ्तार:भिलाई भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल झारखंड से पकड़ाया, 13 महीने से था फरार
18 hours ago
तूफान अर्नब से आंध्रप्रदेश में तबाही, 3 की मौत:31 घर डैमेज, 57 हजार लोगों को शिफ्ट किया;
19 hours ago
भिलाई पावर हाउस फ्लाईओवर से गिरकर युवती की मौत:आत्महत्या की आशंका जांच में जुटी पुलिस
19 hours ago
छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालयों में राज्योत्सव मनाया जाएगा 2 नवंबर से राज्योत्सव कार्यक्रम:मंत्री-सांसद होंगे मुख्य अतिथि, 3 दिनों तक सरकारी भवन भी जगमगाएंगे
19 hours ago
भिलाई में आज से राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता:प्रदेशभर के खिलाड़ी कराटे और नेटबॉल में दिखाएंगे दम, नेशनल के लिए चुनी जाएगी टीम
2 days ago
भिलाई में मिला कटा हुआ मानव सिर:भिलाई निवास के पीछे सेप्टिक लाइन की सफाई के दौरान स्वीपरों को दिखा, जांच में जुटी पुलिस
2 days ago
भिलाई पावर हाउस में नशीली कैप्सूल बेचने वाला गिरफ्तार
2 days ago
CG के धमतरी में ठूंसकर ले जा रहे थे 10 गायें कत्लखाने ले जाने की आशंका दो गिरफ्तार
2 days ago
CG मे तूफान अर्नब का असर, 4 जिलों में रेड अलर्ट दंतेवाड़ा के स्कूलों में छुट्टी, 779 राहत शिविर तैयार 28 29 अक्टूबर को बारी बारिश की चेतावनी