
वृद्धाश्रम में घुसा बारिश का पानी, बुजुर्गों की सुरक्षा पर मंडराया संकट
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तत्परता से सुरक्षित निकाले गए सभी बुजुर्ग, मानवता की मिसाल बनी टीम
अविनाश साहू संवादाता (पत्रकार)
बालोद स्थित वृद्ध आश्रय (वृद्धाश्रम) के मुख्य परिसर में भारी बारिश के बाद हुआ जलभराव।
बालोद, 29 जुलाई।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जिले में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच बालोद स्थित वृद्ध आश्रय (वृद्धाश्रम) भी जलभराव की चपेट में आ गया। देखते ही देखते आश्रम परिसर में बारिश का पानी भर गया, जिससे वहां रह रहे बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। परिसर के भीतर पानी भर जाने से बुजुर्गों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया और स्थिति आपातकाल जैसी बन गई।
जलभराव के बीच वृद्धाश्रम परिसर में राहत एवं बचाव कार्य के दौरान बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम।
सूचना मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद की टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची। टीम ने जलभराव के बीच फंसे बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्य कराया और यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में संवेदनशील प्रशासन ही सबसे बड़ा सहारा होता है।
लगातार हो रही बारिश के कारण वृद्धाश्रम के मुख्य परिसर, प्रवेश मार्ग और भवन के सामने तक पानी भर गया था। इससे बुजुर्गों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई। ऐसे हालात में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की त्वरित कार्रवाई ने संभावित बड़ी परेशानी को टाल दिया।
हालांकि इस घटना ने नगर की जल निकासी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर समाज के सबसे वरिष्ठ नागरिक निवास करते हैं, वहां जलभराव होना प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी चुनौती को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान जरूरी है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस मानवीय पहल की शहरभर में सराहना हो रही है। लोगों ने कहा कि सेवा, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय का यह उदाहरण समाज के लिए प्रेरणादायक है।








