दुर्ग IG ने लिया एक्शन कोतवाली थाना प्रभारी को किया लाइन अटैच : विभागीय कार्य में लापरवाही के आरोप,
By Dinesh chourasiya

दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग ने दुर्ग कोतवाली के थाना प्रभारी महेश ध्रुव को लाइन अटैच कर दिया है। आईजी ने विभागीय कार्य में लापरवाही बताते हुए यह आदेश जारी किया है, लेकिन महेश ध्रुव का कहना है कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई गलत तरीके से हुई है। वह अपना पक्ष दुर्ग आईजी के सामने रखेंगे।
निरीक्षक महेश ध्रुव ने बताया कि उनके थाने में एक लव पाण्डेय नाम का सिपाही है। उसकी ड्यूटी चुनाव कार्य में तमिलनाडु में लगाई गई थी। कपिल पाण्डेय को शायद इसकी जानकारी हो गई थी। उसने 24 मई को कोतवाली थाना प्रभारी महेश ध्रुव से 7 दिनों का अवकाश अप्रूव करा लिया। छुट्टी मिलते ही लव पाण्डेय को थाने से रिलीव कर दिया गया।








तमिलनाडु जाने की जगह मेडकिल लीव ले ली
जब आईजी कार्यालय से लव पाण्डेय को ड्यूटी पर भेजने का आदेश आया तो थाना प्रभारी ने लव पाण्डेय को सूचित किया और ड्यूटी जाने के लिए कहा। लव पाण्डेय पहले से अवकाश पर था। उसने ड्यूटी ज्वाइन कर तमिलनाडु जाने की जगह मेडकिल लीव ले ली।
जब लव पाण्डेय ड्यूटी पर नहीं पहुंचा और इसकी जानकारी आईजी दुर्ग राम गोपाल गर्ग को हुई तो उन्होंने निरीक्षक महेश ध्रुव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन अटैच कर दिया।




बिना मेरा पक्ष जाने की गई है एकतरफा कार्रवाई – महेश ध्रुव
निरीक्षक महेश ध्रुव का कहना है कि उन्होंने सिपाही लव पाण्डेय को अवकास 24 मई को दिया था, जबकि उनके पास चुनाव ड्यूटी का आदेश 27 मई को आया है। ऐसे में उन्होंने कहां से गलत किया है।
उन्होंने लव पाण्डेय को वापस बुलाया भी, लेकिन वो नहीं आया और मेडिकल लीव पर चला गया है। इसके लिए उस पर कार्रवाई करने की जगह गलत तरीके से उन पर कार्रवाई की गई है। महेश ध्रुव का कहना है कि वो इस संबंध में खुद आईजी रामगोपाल गर्ग के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
स्टाफ की कमी के बाद भी की मुस्तैदी से ड्यूटी
थाना प्रभारी महेश ध्रुव का कहना कोतवाली थाने में काफी समय से बल और स्टाफ की कमी है। इसके बाद वो दिन रात मेहनत करके ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे थे। कई बार तो ऐसा हुआ है कि दो-दो दिन तक घर नहीं गए और रात थाने में ही बितानी पड़ी। ऐसे में जो उनके ऊपर कार्रवाई हुई है, वह गलत है। वह अपना पक्ष उच्च अधिकारियों के सामने रखेंगे।
माता पिता तक पहुंचेगा गलत संदेश
महेश ध्रुव ने कहा कि उनके खिलाफ हुई कार्रवाई से कोई कष्ट नहीं है। सबसे बड़ी चिंता इस बात की है ये खबर मीडिया में आई है, तो किसी ना किसी माध्यम से उनके माता पिता तक भी जाएगी। माता पिता ने हमेशा ईमानदारी से ड्यूटी करने की सीख दी है। जब उन्हें कार्य में लापरवाही के बारे में पता चलेगा तो वो दुखी होंगे, जबकि हकीकत यह है कि मुझे दूसरे के कृत्य की सजा दी गई है।






