
भिलाई स्टील प्लांट में ई जीरो के 227 कर्मचारियों का प्रमोशन 4 साल लंबे इंतजार के बाद अब मौका मिला है अफसर बनने का 30 जून 2022 से ही प्रभावसील होगा हालांकि इस अवधि का मानी ट्रिंग बेनिफिट नही मिलेगा
By Dinesh chourasiya
बीएसपी में अफसर बनने का लंबे समय से आस लगाए बैठे कर्मियों का इंतजार शनिवार को समाप्त हुआ। 227 कर्मियों को अफसर बनने का अवसर मिला है। उनका प्रमोशन बीते 30 जून 2022 की तारीख से प्रभावशील होगा। हालांकि इस अवधि का मॉनीटरी बेनीफिट नहीं मिलेगा। करीब चार साल बाद कर्मियों को अफसर बनाने के लिए सेल में ई जीरो की परीक्षा हुई। परीक्षा दोबारा हुई। पहली बार नवंबर में परीक्षा हुई। यह परीक्षा लिखित में होने की वजह से बोकारो प्लांट में सामूहिक नकल का मामला सामने आने के बाद प्रबंधन को पूरी परीक्षा ही निरस्त करनी पड़ी।
इसके बाद दोबारा परीक्षा मार्च महीने में आयोजित की गई। इस बार की परीक्षा नकल रोकने के लिए ऑनलाइन रखी गई। दोनों ही परीक्षा में बीएसपी से करीब 4 हजार कर्मचारी शामिल हुए। दूसरी बार आयोजित परीक्षा के नतीजे अप्रैल के पहले सप्ताह घोषित होने के बाद इसी महीने के अंतिम सप्ताह इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी की गई। जिसमें ऑनलाइन परीक्षा में पास होने वाले 681 कर्मियों को बुलाया गया। इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद से कर्मचारी अफसर बनने का इंतजार कर रहे थे।







एक साल का मॉनीटरी बेनीफिट नहीं मिलेगा
सीनियर कर्मचारियों को मिला अच्छा कवरेज
आनलाइन परीक्षा के नतीजे में सीनियारिटी जोड़ दी गई थी। इंटरव्यू में भी उनका खास ध्यान रखा गया। परीक्षा के लिए 2008 और उसके पहले भर्ती हुई कर्मी ही पात्र थे। नतीजे के अनुसार 2008 बैच के 5 कर्मियों को अफसर बनने का मिला। ये सभी डिग्रीधारी हैं। प्रमोट होने वाले बाकी सभी कर्मचारी सीनियर केटेगरी के हैं।




ट्रांसफर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
पूर्व में ई जीरो को लेकर जितनी भी परीक्षा हुई, अफसर बनने वालों के विभाग भी बदले गए। इस बार कर्मी से अफसर बनने वालों की सेल प्रबंधन ने सूची जारी कर दी लेकिन उसमें इस बात का उल्लेख नहीं किया गया कि कितने का दूसरे विभाग में ट्रांसफर किया गया है। अफसर बनने वालों में टीएंडडी, कोक ओवन, शिक्षा, सीआरएम, मेडिकल, जनरल स्टेब्लिशमेंट के कर्मी शामिल हैं।
निशक्त सभी कर्मियों को मिला प्रमोशन
ई जीरो परीक्षा के नतीजे के मुताबिक परीक्षा प्रक्रिया में शामिल हुए सभी निशक्त कर्मियों को अफसर बनने का मौका दिया गया है। बताया गया कि परीक्षा में उतने ही निशक्त कर्मी शामिल हुए थे जितने पद आरक्षित थे। इसलिए परीक्षा में शामिल हुए सभी निशक्त कर्मचारियों को प्रमोट होने का अवसर मिल गया।







