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बालोद में पांच दिवसीय निःशुल्क आवासीय युवा शिविर का शुभारंभ, युवाओं में व्यक्तित्व निर्माण एवं राष्ट्र जागरण का संदेश

क्राइम रिपोर्टर रितेश कुमार की खबर

बालोद, 27 मई 2026।

गायत्री शक्तिपीठ बालोद में आयोजित पांच दिवसीय निःशुल्क अयामी युवा शिविर का शुभारंभ रविवार को श्रद्धा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। 27 मई से 31 मई 2026 तक चलने वाले इस मियामी कैंप का उद्घाटन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर एवं डी फ़ोआ अभिषेक अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गायत्री परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के आरंभ में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पर्यावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत किया गया। रेस्टॉरेंट का स्वागत तिलक, पुष्पगुच्छ एवं साहित्यविद्या द्वारा किया गया। विद्रोहियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि अधर्म, अनुशासन, संस्कार और संस्कार की भी आवश्यकता है। ऐसे शिविरार्थियों को सही दिशा बताने का कार्य करें।

 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने युवाओं को बताया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मानुशासन, सकारात्मक सोच और नशामुक्त जीवन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के युवा यदि अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में रखें तो समाज राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति संरक्षण, सामाजिक जागरूकता एवं मानवतावाद के प्रति बच्चों को शिक्षा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण एवं समाज सेवा के कार्य में सक्रिय भागीदारी की मांग की।

 

गायत्री शक्तिपीठ के जिला मठाधीशों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शिविर 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा-युवतियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है। शिविर में आवास, भोजन एवं प्रशिक्षण की संपूर्ण व्यवस्था गायत्री परिवार द्वारा की जा रही है। जिले के विभिन्न हिस्सों में अन्य उत्पाद भी शामिल हैं जिनमें युवा शिविर में भाग लेते हैं। शिविर में लगभग 100 युवा-युवतियाँ प्रशिक्षण ले रही हैं।

 

शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं का व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक एवं आध्यात्मिक आन्दोलन तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता का विकास करना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं विद्यार्थियों को विशेष रूप से एकाग्रता, स्मरण शक्ति, समय प्रबंधन एवं तनाव नियंत्रण के पेशेवर प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।

 

पांच दिव्य शिविरों में योग, प्राणायाम, ध्यान, गायत्री साधना, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता निर्माण, नशा मुक्ति, चरित्र निर्माण, स्वावलंबन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र जैसे व्यक्तिगत विषयों पर अनुभवी शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। शिविर में प्रतिदिन प्रातःकालीन साधना, समूह चर्चा, अलौकिक सत्र एवं सांस्कृतिक समागम का आयोजन भी किया जा रहा है।

 

शांतिकुंज से हरिद्वार आई टोली के प्रतिनिधि व्लादिमीर कृष्ण भारती, हेमलता साहूकार, भेमेश्वरी साहूकार, खुमान साहू, पुष्प ध्रुव एवं गंगा कश्यप बच्चों द्वारा जीवन प्रबंधन, संस्कार निर्माण एवं आध्यात्मिक जीवन शैली के संबंध में प्रेरक दिशानिर्देश प्रदान किए जा रहे हैं। शिविर में राजिम-गरियाबंद, धमतरी, रायपुर एवं जिलों से भी मध्य प्रदेश स्थित हैं।

 

कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक लोचन साहू, वृंदा साहू, वृंदा साहू, कांति साहू, कुमारी साहू, नूतन साहू, रेखा, मोहन साहू, साहू साहू, विनोद साहू, दिलीप पटेल, भूमिधन पटेल, रोनोद साहू, वृंदा साहू, लक्ष्मी साव शामिल हैं।

 

युवा प्रशिक्षु बालोद के मुकेश साहू ने बताया कि शिविर के माध्यम से युवाओं को संस्कारित, वैज्ञानिक एवं आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक युवाओं से ऐसे सामूहिक आयोजनों में शामिल होकर अपने विकास एवं समाज निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।

 

अधिक जानकारी युवा डायनासोर बालोद से मोबाइल नंबर 8839191440 पर संपर्क करें।

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