
अब बच्चे बनेंगे स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर, पीएमश्री स्कूल आड़ेझर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण
चार प्रकार के कचरे और रंगीन डस्टबिन की दी जानकारी, स्वच्छ भारत मिशन के तहत पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश








रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद, 10 जुलाई 2026
भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के आदेशों के परिपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बालोद जिले में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चन्द्रवंशी के निर्देशानुसार सुप्रीम कोर्ट के नियमों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिले के प्रत्येक ग्राम, ग्राम पंचायत और स्कूलों में निरंतर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत डौंडी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी.डी. मंडले के कुशल मार्गदर्शन में आज पीएमश्री प्राथमिक शाला आड़ेझर में स्कूली बच्चों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद पंचायत डौंडी के विकासखंड समन्वयक श्री डी.एस. यादव द्वारा छात्र-छात्राओं को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों के अनुरूप चार प्रकार के ठोस कचरे और उनके पृथक्करण हेतु निर्धारित चार रंग के डस्टबिनों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।





कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता सुदृढ़ करने के लिए स्रोत स्तर (सोर्स लेवल) पर ही कचरे को अलग-अलग करना कितना महत्वपूर्ण है। बच्चों को गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू जोखिमयुक्त कचरा और सैनिटरी अपशिष्ट को पहचान कर उन्हें संबंधित डस्टबिन में ही डालने हेतु प्रेरित किया गया, ताकि ये बच्चे अपने घरों और गांवों में भी स्वच्छता के इस संदेश को फैला सकें। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती माधुरी ठाकुर, उपसरपंच श्री सुरेश कुमार, शिक्षक श्रीमती हेमेश्वरी श्रीवास, ग्राम पंचायत सचिव श्रीमती भारती साहू, रोजगार सहायक श्री दिनेश लारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही पंच श्री काशीराम तारम, श्रीमती मतिप्रभा दर्रो, श्रीमती पौत्री बाई, अंजू बाई सहित अन्य वार्डों के पंचगण, स्थानीय ग्रामीण, ग्राम पंचायत की स्वच्छाग्रही दीदियाँ एवं शाला के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। जनपद पंचायत प्रशासन द्वारा जिले भर के शैक्षणिक संस्थानों और पंचायतों में इस अभियान को निरंतर जारी रखने की बात कही गई है।




