छत्तीसगढ़

दुर्ग में धर्म परिवर्तन की खबर के बाद बजरंग दल का हंगामा:दुर्ग में किराए के मकान में चल रही थी प्रार्थना सभा में मारपीट; बजरंगियों ने दिया धरना 

By Dinesh chourasiya

विरोध करने प्रार्थना सभा पहुंची महिलाओं से मारपीट की गई। - Dainik Bhaskar

दुर्ग जिले के अंडा थाना क्षेत्र के विनायकपुर में धर्म परिवर्तन के खबर सामने आने के बाद जमकर बवाल हुआ। किराए के मकान में चल रही प्रार्थना सभा बंद कराने पहुंचे लोगों से धक्का मुक्की और मारपीट की गई। बाद में पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया, तो ग्रामीणों के साथ पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ता विरोध में धरने पर बैठ गए और हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना विरोध दर्ज कराया।

बजरंग दल का आरोप है कि विनायकपुर गांव में एक धर्म विशेष के लोग किराए के मकान में प्रार्थना सभा चलाते हैं। ये लोग गांव के सीधे-साधे गरीब लोगों को प्रलोभन देते हैं और उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं।

धर्म परिवर्तन की खबर के बाद महिलाओं और लोगों के बीच विवाद।
धर्म परिवर्तन की खबर के बाद महिलाओं और लोगों के बीच विवाद।

बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने किया हनुमान चालीसा पाठ

मौके पर बड़ी संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता भी पहुंच गए। जिस मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी वहां, मकान के बाहर धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना विरोध दर्ज कराया। बजरंग दल नेताओं का कहना कि कुछ धर्म विशेष के लोग बस्ती के भोले-भाले लोगों को जमा कर उनका धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहे हैं।

मकान के बाहर बैठकर हनुमान चालीसा पाठ कर विरोध जताते बजरंग दल के कार्यकर्ता।
मकान के बाहर बैठकर हनुमान चालीसा पाठ कर विरोध जताते बजरंग दल के कार्यकर्ता।

गांव की महिलाओं से मारपीट का आरोप

धरने पर बैठे बजरंग दल नेताओं का आरोप है कि गांव की कुछ महिलाएं संगठित होकर प्रार्थना सभा को बंद कराने पहुंचीं। इस पर धर्म विशेष के लोग नाराज हो गए। उन लोगों ने महिलाओं के साथ मारपीट की। इसके बाद बजरंग दल के लोगों ने भी उनका विरोध किया।

धर्म परिवर्तन के नाम पर कानून का उल्लंघन

बजरंग दल की मांग है कि जिस भी व्यक्ति ने इस काम के लिए मकान किराए पर दिया है उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए। बजरंग दल का कहना है कि मकान के अंदर प्रार्थना सभा चलाने के लिए बाकायदा कलेक्टर से परमीशन लेनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता है, तो उसे कलेक्टर के सामने एफिडेविट में देना चाहिए और अपने दस्तावेजों में भी नाम परिवर्तन कराना चाहिए। यहां ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा था।

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