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नैनो यूरिया से बदली किसान हीराराम चुरगियां की किस्मत, आधुनिक खेती से बढ़ी आय

क्राइम रिपोर्टर रितेश कुमार की खबर

 

रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर ( पत्रकार )

बालोद, 11 जून 2026
बालोद जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के तरीकों को छोड़कर आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपना रहे हैं। डौण्डीलोहारा विकासखंड के वनांचल ग्राम कोडेकसा के प्रगतिशील किसान हीराराम चुरगियां ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो तकनीक आधारित उर्वरकों को अपनाकर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए मिसाल पेश की है।

 

करीब 5 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले हीराराम चुरगियां पिछले 4 से 5 वर्षों से अपने खेतों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग से मिले मार्गदर्शन के बाद आधुनिक उर्वरकों के प्रयोग से उनकी खेती में उल्लेखनीय सकारात्मक बदलाव आया है।

 

किसान हीराराम के अनुसार पारंपरिक दानेदार यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया (तरल) के उपयोग से बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। इससे खेती की लागत कम हुई है तथा खाद की बोरियों के परिवहन और प्रबंधन की परेशानी से भी राहत मिली है। नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों की सेहत में सुधार हुआ है और धान की फसल अधिक हरी-भरी एवं स्वस्थ दिखाई देती है।

 

उन्होंने बताया कि फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि हुई है, वहीं कीट एवं रोगों का प्रकोप भी पहले की तुलना में कम हुआ है। नैनो उर्वरकों के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब कोडेकसा सहकारी समिति क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में भी इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
किसान हीराराम चुरगियां ने जिले के अन्य किसानों से भी कृषि विभाग की सलाह के अनुसार नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की है, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सके।

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