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दुर्ग के पथरिया खदान में 50 फीट गहरी खदान में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत,एसडीआरएफ ने निकाला शव

By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले के नंदिनी थाना क्षेत्र स्थित पथरिया खदान में एक दर्दनाक हादसे में 13 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम ने करीब 50 फीट गहरे पानी से उसका शव बरामद किया। बालक के हाथ में कोल्ड ड्रिंक की बोतल थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह बोतल उठाने के प्रयास में गहरे पानी में गिर गया।

मृतक की पहचान ग्राम पथरिया निवासी आयुष मार्कंडेय (13), पिता नंदकुमार मार्कंडेय के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, आयुष गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी।

5:30 बजे एसडीआरएफ की 10 सदस्यीय टीम तलाश कर रही थी।

रात में नहीं चल सका रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन खदान की अत्यधिक गहराई और अंधेरे के कारण रात में खोज अभियान शुरू नहीं किया जा सका। इसके बाद शुक्रवार सुबह अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

जिला सेनानी और जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर सुबह 5:30 बजे एसडीआरएफ की 10 सदस्यीय टीम घटनास्थल पहुंची। डिप डाइविंग विशेषज्ञ राजकुमार यादव और चंद्रप्रताप जघेल ने गहरे पानी में उतरकर तलाश शुरू की।

डिप डाइविंग एक्सपर्ट्स को लगभग 50 फीट गहरे पानी में मिला आयुष का शव

सुबह 7 बजे मिला शव

करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 7 बजे आयुष का शव खदान से बाहर निकाला गया। एसडीआरएफ ने शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

हाथ में मिली कोल्ड ड्रिंक की बोतल

शव मिलने के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आयुष के हाथ में कोल्ड ड्रिंक की बोतल थी। परिजनों ने बताया कि आयुष को खाली बोतलों से खेलने का शौक था। घटनास्थल पर खदान किनारे फिसलने के निशान भी मिले हैं।

शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बोतल हाथ से छूटने के बाद आयुष उसे उठाने के लिए खदान के किनारे पहुंचा होगा। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।

खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने खदान क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खदान के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड नहीं होने के कारण इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।

पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है।

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