
हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम : R-SETI के राजमिस्त्री प्रशिक्षण से सशक्त होंगे गुण्डरदेही के युवा
प्रधानमंत्री आवास योजना के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन में निभाएंगे अहम भूमिका, गांव में ही खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर








रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)




बालोद, 13 जून 2026। ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित होने वाले आवासों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत गुण्डरदेही में R-SETI (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) द्वारा राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड गुण्डरदेही की ग्राम पंचायत गुरेदा के 30 युवाओं को भवन निर्माण कार्यों का व्यवहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक निर्माण तकनीकों, गुणवत्ता मानकों और सुरक्षित निर्माण प्रक्रियाओं की जानकारी देकर उन्हें दक्ष राजमिस्त्री के रूप में तैयार करना है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भवन निर्माण की विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसमें मजबूत नींव निर्माण, दीवारों की सही संरचना, छत ढलाई (स्लैब कास्टिंग) की वैज्ञानिक एवं सुरक्षित पद्धतियां, निर्माण सामग्री के संतुलित एवं किफायती उपयोग, प्लास्टर, फ्लोरिंग तथा फिनिशिंग कार्यों की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और टिकाऊपन सुनिश्चित करने के उपायों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का सकारात्मक प्रभाव प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में भी दिखाई देगा। प्रशिक्षित युवा योजना के अंतर्गत बनने वाले मकानों के निर्माण में अपनी भूमिका निभाते हुए हितग्राहियों को बेहतर, मजबूत एवं दीर्घकालिक आवास उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के साथ समयबद्ध कार्य निष्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में कौशल आधारित रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी, वहीं वे स्वयं का निर्माण कार्य प्रारंभ कर स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त भी बन सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ युवाओं के पलायन में भी कमी आने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि R-SETI संस्थान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं विभिन्न बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग से संचालित किए जाते हैं। इन संस्थानों का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा स्थानीय स्तर पर आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराना है। गुण्डरदेही में संचालित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी दिशा में एक सार्थक और परिणामकारी पहल के रूप में उभर रहा है।







