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बालोद कलेक्टर का बड़ा आदेश: जिला कार्यालय परिसर और 500 मीटर दायरे में धारा 163 लागू, बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक

क्राइम रिपोर्टर रितेश कुमार की खबर

 

 

रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)

बालोद, 12 जून 2026। जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर बालोद एवं उसके 500 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।

 

 

जारी आदेश के अनुसार संयुक्त जिला कार्यालय परिसर और उसके आसपास के 500 मीटर क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और हड़ताल आयोजित नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा एक स्थान पर चार से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया निर्णय

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न संगठनों एवं समूहों द्वारा ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जिला कार्यालय परिसर में एकत्रित होने से शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है। इससे शासकीय कार्य प्रभावित होते हैं तथा कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया गया है।

हथियार और विस्फोटक सामग्री पर भी प्रतिबंध

आदेश के तहत ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति के लिए विस्फोटक पदार्थ, अस्त्र-शस्त्र, धारदार एवं घातक हथियार लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि धार्मिक परंपराओं के तहत धारण किए जाने वाले कृपाण आदि इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

अनुमति लेना होगा अनिवार्य

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सभा, रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन या हड़ताल आयोजित करने से पहले संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी अथवा कार्यपालिक दण्डाधिकारी से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

साथ ही प्रदर्शन के दौरान शासकीय एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना, पुतला दहन, तोड़फोड़, टायर जलाकर मार्ग अवरुद्ध करना, यातायात बाधित करना तथा आम लोगों में भय या दहशत का माहौल बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

यह आदेश सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, संघों तथा आम नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा और 12 जून 2026 से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों या समूहों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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