दुर्ग में एसएसपी की क्राइम रिव्यू मीटिंग:पुराने केस जल्दी निपटाने, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और स्कूल-कॉलेजों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
By Dinesh chourasiya
दुर्ग जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-06 में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने की। इसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल हुए।







बैठक में सबसे ज्यादा फोकस पुराने लंबित मामलों, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और शिकायतों के समय पर निराकरण पर रहा। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों की जांच लंबे समय से लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
2024 और उससे पहले के लंबित अपराधों की समीक्षा वर्ष 2024 और उससे पहले के लंबित अपराधों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही गंभीर मामलों, फरार आरोपियों, निगरानी बदमाशों और थाना स्तर पर लंबित जांच की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को कहा गया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाएं और ऐसे मामलों को तेजी से निपटाएं। बैठक में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 193(8) के तहत लंबित पूरक जांच मामलों की भी समीक्षा हुई। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जांच पूरी कर समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करें।






शिकायतों पर बेहतर जवाब देने के निर्देश मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल और अन्य शिकायत माध्यमों में लंबित शिकायतों को लेकर भी चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हर शिकायत का समय पर और बेहतर जवाब दिया जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि लोगों को जल्दी राहत मिल सके। वहीं बैठक के दौरान ई-साक्ष्य प्रणाली की प्रगति भी देखी गई। अधिकारियों को घटनास्थल से डिजिटल साक्ष्य जुटाने, उन्हें अपलोड करने और जांच में तकनीकी साक्ष्यों का ज्यादा उपयोग करने के निर्देश दिए गए। पुलिस का मानना है कि इससे जांच प्रक्रिया और मजबूत होगी।
स्कूल-कॉलेज की सुरक्षा पर भी चर्चा मालखाना प्रबंधन को लेकर भी समीक्षा की गई। थानों में रखी संपत्तियों का भौतिक सत्यापन, न्यायालय के आदेश के अनुसार नष्ट किए जाने वाले सामान का समय पर निपटारा और रिकॉर्ड सही रखने पर जोर दिया गया। सभी वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीन थानों का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया। आगामी शैक्षणिक सत्र को देखते हुए स्कूल और कॉलेजों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया




