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पुराने ट्रायसाइकिल से तैयार हो रहा कचरा संग्रहण वाहन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम

क्राइम रिपोर्टर रितेश कुमार की खबर

 

 

रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)

बालोद, 12 जून 2026। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत जिले में पुराने एवं अनुपयोगी ट्रायसाइकिलों का पुनः उपयोग कर कचरा संग्रहण वाहन तैयार किए जा रहे हैं। इस अभिनव पहल का उद्देश्य ग्राम स्तर पर कचरा संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, संसाधनों का संरक्षण करना तथा पर्यावरण अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना है।

 

 

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने ऐसे ही एक संशोधित कचरा संग्रहण ट्रायसाइकिल का अवलोकन किया। इस वाहन में सैनिटरी पैड एवं डायपर के लिए लाल रंग का डिब्बा तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे के लिए पीले रंग का डिब्बा लगाया गया है। इसके अलावा गीला, सूखा, घरेलू जोखिमयुक्त एवं सैनिटरी अपशिष्ट के पृथक संग्रहण के लिए अलग-अलग खंड विकसित किए गए हैं।

 

ग्राम पंचायतों द्वारा पुराने ट्रायसाइकिलों का मॉडिफिकेशन कर उन्हें पुनः उपयोग योग्य बनाया गया है। इससे नए वाहन खरीदने में होने वाले खर्च की बचत होगी और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। वाहन पर स्वच्छता एवं कचरा पृथक्करण संबंधी संदेश और नारे भी प्रदर्शित किए गए हैं, जिससे घर-घर कचरा संग्रहण के दौरान लोगों को जागरूक किया जा सके।

 

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुसार स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, पृथक संग्रहण, परिवहन एवं वैज्ञानिक प्रबंधन अनिवार्य है। इसी दिशा में यह पहल ग्राम पंचायतों के लिए एक प्रभावी और किफायती मॉडल बनकर सामने आई है।

 

संशोधित ट्रायसाइकिल के माध्यम से स्वच्छता कर्मचारी नियमित रूप से घर-घर जाकर अलग-अलग श्रेणी के कचरे का संग्रहण करेंगे। संग्रहित गीले कचरे का प्रसंस्करण कम्पोस्टिंग एवं अन्य वैज्ञानिक विधियों से किया जाएगा, जबकि सूखे कचरे को पुनर्चक्रण एवं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा। सैनिटरी एवं घरेलू जोखिमयुक्त अपशिष्ट का भी नियमानुसार पृथक प्रबंधन किया जाएगा।

 

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों में कम से कम चार प्रकार के डस्टबिन का उपयोग करें तथा गीला, सूखा, सैनिटरी एवं घरेलू जोखिमयुक्त कचरे को अलग-अलग संग्रहित कर स्वच्छता कर्मियों को सौंपें। कचरे का पृथक्करण न केवल स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाता है, बल्कि पुनर्चक्रण, संसाधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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