छत्तीसगढ़

भिलाई के छठ तलाब घाटों पर पसरी गंदगी : तालाबों में कीड़े, कचरा और बदबू से लोगो का जीना हुआ मुहाल, , छठ व्रती महिलाएं कैसे लगाएंगी डुबकी… 

By Dinesh chourasiya

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भिलाई विधानसभा चुनाव के चलते भिलाई नगर निगम ने इस बार छठ पर्व की तैयारी को लेकर जरा भी गंभीर नहीं दिख रहा है। छठ की तारीख नजदीक आती जा रही है, लेकिन तालाबों की सफाई के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तालाबों में गंदगी का यह आलम है कि वहां कीड़े-मकोड़ों बजबजा रहे हैं। इस गंदगी में छठ माता का व्रत रखने वाली महिलाएं कैसे डुबकी लगा पाएंगी। आरोप यह भी है कि करोड़ों रुपये आए, लेकिन कहीं और खर्च हो गए।

भिलाई शहर (पटरी के इस पार का क्षेत्र) में स्थित तालाबों का हाल सबसे बुरा है। सफाई तो दूर निगम अधिकारियों ने अब तक तालाब के पानी के ऊपर तैर रहे कचरे को नहीं निकाला। पहले से ही यहां पानी वाली घास और कमल की गंदगी थी, उसके ऊपर मूर्ति विसर्जन का कचरा और बढ़ गया है।

कुरुद तालाब के घाठ की सफाई करते युवा
कुरुद तालाब के घाठ की सफाई करते युवा

सबसे बुरा हाल कुरुद एरिया में स्थित नकटा तालाब (कुरुद तालाब) का है। इस तालाब में गंदगी का आलम यह है कि यहां कचरा के आगे पानी ही नहीं दिखाई दे रहा है। कुरुदवासी इसे लेकर खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस शासित निगम प्रशासन इस ओर जरा भी ध्यान नहीं दे रहा है।

तालाब में बजबजाती गंदगी से युवाओं में भारी रोष
तालाब में बजबजाती गंदगी से युवाओं में भारी रोष

इस तालाब में गणेश और दुर्गा मूर्ति विसर्जन का कचरा अब तक साफ नहीं हुआ। ऊपर से तालाब में कमल और जल घास और अन्य कचरा सड़ कर बदबू फैला रहे हैं। यहां के पानी में कीड़े पड़ गए हैं। इसमें स्नान कर लोग तरह तरह की बीमारी की जकड़ में सकते हैं।

कई बार शिकायत देने के बाद भी नहीं दिया जा रहा ध्यान

कुरुद गांव के पार्षद पति अजय साहू का कहना उन्होंने कई बार तालाब व नाली सफाई को लेकर निगम में शिकायत की है। इसके बाद भी निगम के लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तो उन्हें ऐसा लगने लगा है कि वो निर्दलीय पार्षद और कुरुद भाजपा समर्थित वैशाली नगर विधानसभा का क्षेत्र आ रहा है। इसके चलते कांग्रेस समर्थित निगम प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

करोड़ों का फंड खर्च कर दिया दूसरे तालाबों में

पार्षद पति अजय साहू का कहना है कि शासन से भिलाई के तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण के लिए 6 करोड़ से अधिक की राशि आई थी। निगम ने वो राशि सभी तालाबों में न खर्च करके सिर्फ दो तीन तालाब में ही खर्च कर दिए। उन्होंने भिलाई के इतने बड़े कुरुद तालाब की सफाई तक कराना उचित नहीं समझा।

युवाओं में भारी नाराजगी

तालाब से लगे शिव शक्ति मंदिर समिति से कुरुद के बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। यहां के युवा और लोग आपस में मिलकर मंदिर परिसर में निशुल्क वेदी की व्यवस्था करते हैं। इससे पहले यहां की साफ सफाई करते हैं। निगम द्वारा तालाब की सफाई न करने पर वो लोग खुद तालाब में उतरकर गंदगी साफ कर रहे हैं।

उनका कहना है कि वो इतना कचरा तो साफ नहीं कर पाएंगे, लेकिन कुरुद को अंदेखा करने की मानसिकता वाले लोगों को बाहर करने के लिए वो अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

शहर के अन्य तालाबों में गंदगी का आलम

जहां एक तरफ कुरुद तालाब की हालत सबसे खराब है, वहीं शहर के अन्य तालाबों में भी गंदगी पसरी है। कुरुद में ही तीन तालाब स्थित हैं। यहां तीनों तालाब में गंदगी पसरी हुई है।

इसके साथ ही कैलाश नगर में छठ तालाब, शीतला तालाब सहित अन्य तालाबों में मूर्ति विसर्ज के बाद की गंदगी बजबजा रही है। निगम इसकी सफाई पर जरा भी ध्यान नहीं दे रहा है।

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