
गुंडरदेही के ग्राम रूदा में स्थापित हुआ 03 केएलडी क्षमता का फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट
भूजल संरक्षण एवं पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए संचालित की जा रही वैज्ञानिक डी-स्लजिंग व्यवस्था








रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद, 24 जून 2026




स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित स्वच्छता व्यवस्था एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम रूदा में 03 केएलडी का फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट के माध्यम से विकासखंड के सभी ग्राम पंचायतों में सेप्टिक टैंकों की नियमित डी-स्लजिंग की व्यवस्था संचालित की जा रही है। जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत विशेष डी-स्लजिंग वाहनों के माध्यम से घरों, संस्थानों एवं सार्वजनिक परिसरों में स्थापित सेप्टिक टैंकों से फीकल स्लज (मल-मूत्र अपशिष्ट) का सुरक्षित संग्रहण कर उसे फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुँचाया जा रहा है, जहां उसका वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से उपचार किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार सेप्टिक टैंकों का उपयोग करते हैं। समय-समय पर इन टैंकों की सफाई नहीं होने से ओवरफ्लो, दुर्गंध, भूजल प्रदूषण तथा विभिन्न संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। इन समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासन द्वारा नियोजित डी-स्लजिंग व्यवस्था लागू की गई है, जिसके अंतर्गत प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा आधुनिक सक्शन मशीनयुक्त वाहनों से सेप्टिक टैंकों की सुरक्षित सफाई की जा रही है। संग्रहित फीकल स्लज को किसी भी स्थिति में खुले स्थान, खेत, नालों, जलाशयों अथवा नदी-नालों में नहीं डाला जाता, बल्कि सीधे फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाया जाता है। प्लांट में निर्धारित तकनीकी मानकों एवं पर्यावरणीय दिशा निर्देशों के अनुरूप अपशिष्ट का उपचार किया जाता है। उपचार की प्रक्रिया के दौरान अपशिष्ट में उपस्थित हानिकारक जीवाणुओं एवं प्रदूषक तत्वों को नियंत्रित कर पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम किया जाता है। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता प्रबंधन की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है। इससे भूजल स्त्रोतों, हैंडपंपों, कुओं तथा अन्य जल स्त्रोतों को प्रदूषण से बचाने में सहायता मिल रही है। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर ग्राम पंचायतों, स्वच्छता दीदियों, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण नागरिकों को सुरक्षित स्वच्छता प्रबंधन के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने सेप्टिक टैंकों की नियमित अंतराल पर सफाई कराएं तथा अधिकृत डी-स्लजिंग सेवा का ही उपयोग करें, ताकि अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान सुनिश्चित किया जा सके। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, सुरक्षित स्वच्छता श्रृंखला तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ब्लॉक के सभी ग्रामों में स्वच्छता प्रबंधन की ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य संवर्धन एवं स्वच्छ ग्रामीण जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके।





