बालोद में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, 3.17 लाख बच्चों-किशोरों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा
01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजॉल की गोली, 17 अगस्त को होगा मॉप-अप दिवस
रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद, 09 अगस्त 2026। जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर 10 अगस्त 2026 को 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजॉल 400 मिलीग्राम खिलाई जाएगी। अभियान के तहत बालोद जिले में कुल 3 लाख 17 हजार 444 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय एवं निजी विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसा, महाविद्यालय, तकनीकी शिक्षण संस्थानों, नर्सरी स्कूलों सहित अन्य संबंधित संस्थानों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से मुक्त करना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करना, एनीमिया की रोकथाम तथा शारीरिक एवं बौद्धिक विकास को बढ़ावा देना है। साथ ही बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति और सीखने की क्षमता में सुधार सुनिश्चित करना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
आयु के अनुसार दी जाएगी दवा
अभियान के तहत 01 से 02 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजॉल की आधी गोली पानी में मिलाकर चम्मच से पिलाई जाएगी। वहीं 02 से 19 वर्ष आयु के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक पूरी गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी। दवा का सेवन प्रशिक्षित एवं निर्धारित सेवा प्रदाताओं की देखरेख में कराया जाएगा।
10 अगस्त को दवा से वंचित बच्चों को 17 अगस्त को मिलेगा अवसर
जो बच्चे अथवा किशोर-किशोरियां किसी कारणवश 10 अगस्त को कृमिनाशक दवा का सेवन नहीं कर पाएंगे, उन्हें 17 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस के अवसर पर दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए संबंधित संस्थानों एवं मैदानी अमले को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
सीएमएचओ डॉ. जे.एल. उइके ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर कृमिनाशक दवा का सेवन अवश्य कराएं तथा अभियान के दौरान विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से कृमिनाशक दवा का सेवन बच्चों को कृमि संक्रमण से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाने के साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और समुचित विकास में सहायक है।







