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चलती कार से वर्चुअल पेशी में जुड़ा वकील:दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹1 लाख जुर्माना लगाया, कहा- कोर्ट की गरिमा से समझौता नहीं

By Dinesh chourasiya

दिल्ली हाईकोर्ट ने चलती कार से वर्चुअल पेशी में शामिल होने वाले वकील पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया। जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला ने 28 सितंबर को दिए आदेश में कहा कि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा सराहनीय है, लेकिन इससे कोर्ट की गरिमा और कार्यवाही में बाधा नहीं आनी चाहिए।

कोर्ट ने वकील को यह जुर्माना एक हफ्ते के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में जमा करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि एक दिन में 70 से ज्यादा मामलों पर सुनवाई करनी होती है। ऐसे में सुनवाई के दौरान बैकग्राउंड का शोर और चलती गाड़ी की हलचल बाधा डालती है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का हवाला

कोर्ट ने बताया कि हाईकोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस एंड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूल्स के तहत वकीलों को गाड़ियों से सुनवाई में शामिल होने से बचना चाहिए। ऐसा तभी करें, जब बहुत जरूरी हो। इसके लिए परमिशन भी लें।

जस्टिस शुक्ला ने कहा कि यह शर्त केवल कागजों में लिखने के लिए नहीं है। इसका मकसद यह तय करना है कि वकील वर्चुअल माध्यम से भी ऐसी जगह से पेश हों, जहां कोर्ट का काम सही तरीके से चल सके।

कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में ऐसी कोई असाधारण परिस्थिति नहीं थी। इसलिए वकील का चलती कार से पेशी से जुड़ना नियमों का उल्लंघन था।

29 अप्रैल को हैक हो गई थी दिल्ली हाईकोर्ट की साइट

दिल्ली हाईकोर्ट में वर्चुअल सुनवाई के दौरान अश्लील वीडियो चल गया। उस वक्त चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस खरिया की बेंच सुनवाई कर रही थी। जैसे ही पोर्न वीडियो चला, फौरन सुनवाई रोक दी गई। कुछ मिनट बाद सुनवाई दोबारा शुरू हुई, लेकिन फिर पोर्न वीडियो चलने लगा।

तीन बार सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। इसमें किसी एक व्यक्ति पर आर्थिक जुर्माना लगाने के बजाय, अदालत ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की साइबर सेल (IFSO) को निर्देश दिए थे।

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