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दुर्ग के अंडा ग्राम में खेत में काम कर रहे किसान की करंट से मौत:खेत के बीच झूल रहे बिजली के तार की शिकायत करता रहा किसान, विभाग ने नहीं सुनी; फेंसिंग में उतरे करंट की चपेट में आया

By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले के अंडा थाना क्षेत्र के चिंगरी गांव में खेत में काम कर रहे एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई। किसान अपने खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान फेंसिंग तार में दौड़ रही करंट के चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक किसान की पहचान 55 वर्षीय किसान वीरेंद्र देशमुख के रूप में हुई है।

शव को लेकर प्रदर्शन करते स्थानीय लोग।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरी लापरवाही बिजली विभाग की है। बिजली विभाग की लापरवाही एक किसान की जान चली गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर शव के साथ बिजली कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।

करंट लगने से खेत में काम करने के दौरान हुई किसान की मौत।

लंबे समय से खेत के बीच झूल रहा था तार किसान के खेत के उपर से ही बिजली का तार गया हुआ है। बिजली का खंभा झूकने से तार खेत के काफी करीब आ गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि किसान वीरेंद्र देशमुख के खेत के बीच से बिजली का केबल काफी समय से झूल रहा था। इससे खेती का काम करने में परेशानी हो रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि खेत के बीच से गुजर रहे इस तार को हटाने के लिए कई महीने पहले बिजली विभाग को आवेदन दिया गया था। इसके बाद भी कोई कर्मचारी मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा और न ही तार हटाने की कोई कार्रवाई की गई।

बिजली विभाग के अफसरों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बिजली ऑफिस में किया प्रदर्शन।

दो दिन पहले ही खेत से हटाया था तार बताया जा रहा है कि खेती और जुताई का काम प्रभावित होने पर वीरेंद्र देशमुख ने दो दिन पहले खुद ही झूल रहे बिजली के तार को सीमेंट के पोल पर बांध दिया था, ताकि खेत में ट्रैक्टर और अन्य कृषि कार्य आसानी से हो सकें। उसी पोल पर लोहे की कंटीली फेंसिंग भी लगी हुई थी। किसी कारण से फेंसिंग के तार में करंट फैल गया।

शनिवार को वीरेंद्र देशमुख खेत में घास की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान उनका हाथ करंट वाले कंटीले तार के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगने से वह वहीं गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी।

शव को लेकर बिजली ऑफिस पहुंचे ग्रामीण स्थानीय किसान लक्ष्मण यादव ने बताया कि खेत के बीच से झूल रहे बिजली के तार की शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई थी। अधिकारियों को लिखित आवेदन भी दिया गया, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि अगर समय रहते विभाग ने तार हटा दिया होता तो यह हादसा नहीं होता और एक किसान की जान बच सकती थी। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान शव को लेकर बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही मृतक किसान के परिवार को उचित मुआवजा देने और खेतों में झूल रहे बिजली के तारों को जल्द हटाने की मांग भी की। फिलहाल अंडा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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