भिलाई में रेलवे अफसर पर रिश्वत मांगने का आरोप CBI ने PP यार्ड में मारा छापा CBI टीम कर रही पूछताछ
By Dinesh chourasiya

भिलाई के चरोदा स्थित रेलवे के पीपी यार्ड में गुरुवार शाम सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की। रेलवे ठेकेदार से रिश्वत मांगने की शिकायत पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर (सीनियर डीएमई) अनमोल उइके के कार्यालय में छापा मारा। कार्रवाई शुक्रवार दोपहर तक जारी रही।







सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने पहले शिकायत की जांच की। शिकायत सही पाए जाने के बाद ठेकेदार दीपक वर्मा को केमिकल लगे नोटों से भरा लिफाफा देकर अफसर के पास भेजा गया। जैसे ही लिफाफा अनमोल उइके ने लिया, सीबीआई की टीम ने कार्यालय में दबिश दे दी। इसके बाद अफसर के हाथ धुलवाए गए। हाथों पर केमिकल का रंग आने की बात सामने आई है।
नए ठेके और पुराने बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
बताया जा रहा है कि पीपी यार्ड में रेलवे के ठेके पर काम करने वाले दीपक वर्मा ने सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में शिकायत की थी। आरोप है कि नए काम का ठेका देने और पहले किए गए काम के बकाया बिल पास कराने के बदले सीनियर डीएमई अनमोल उइके ने रिश्वत की मांग की थी।




शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की शुरुआती जांच की। इसके बाद टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी की। गुरुवार शाम करीब 5 बजे सीबीआई की टीम पीपी यार्ड पहुंची। टीम में करीब 10 अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें दिल्ली के साथ रायपुर और दुर्ग की टीम के अधिकारी भी शामिल थे।
कार्यालय में फाइलों से लेकर मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले
सीबीआई की टीम ने कार्रवाई के दौरान सीनियर डीएमई के कार्यालय को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। टेंडर से जुड़ी फाइलें, पुराने काम के रिकॉर्ड, बिल और रजिस्टर खंगाले गए। इसके अलावा कार्यालय में पदस्थ दूसरे अधिकारियों के मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम ने अनमोल उइके से पूछताछ भी की। देर शाम से शुरू हुई कार्रवाई शुक्रवार दोपहर तक चलती रही। टीम ने कार्यालय से मिले दस्तावेज और डिजिटल सामान की जांच की। हालांकि सीबीआई की ओर से अभी तक कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
PP यार्ड में मालगाड़ियों के वैगन की होती है जांच
भिलाई के चरोदा स्थित पीपी यार्ड में भिलाई स्टील प्लांट के लिए आयरन ओर और कोक लेकर आने वाली मालगाड़ियों के रैक की अनलोडिंग के बाद वैगन की जांच की जाती है। एनएसपीसीएल के लिए कोक लेकर आने वाली मालगाड़ियों के वैगन भी यहां जांचे जाते हैं। वैगन में टूट-फूट या तकनीकी खराबी मिलने पर उसकी मरम्मत की जाती है।
बताया जाता है कि यार्ड में होने वाला यह काम अलग-अलग ठेकों के जरिए कराया जाता है। इसी ठेका प्रक्रिया और पुराने बिलों के भुगतान को लेकर ठेकेदार की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।
कार्रवाई की खबर से रेलवे में मचा हड़कंप
पीपी यार्ड में सीबीआई की कार्रवाई की खबर फैलते ही रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। खासकर ठेके और बिल पास करने से जुड़े कामों को लेकर रेलवे के अंदर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि मामले में कितनी रकम बरामद हुई, किन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को जब्त किया गया और आगे किन लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।




