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छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस,वन-जेल भर्ती में 10% आरक्षण मंजूर:अतिथि-व्याख्याताओं के अनुभव को मिलेगा फायदा, फिल्म ‘हनुमान अंश’ टैक्स फ्री, साय-कैबिनेट के 3 फैसले

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता अब और साफ हो गया है। राज्य सरकार ने पुलिस, वन और जेल विभाग की तृतीय श्रेणी की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण लागू करने के नियमों को मंजूरी दे दी है।

इसके साथ ही सरकारी कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की भर्ती और मानदेय से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। कैबिनेट ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने के फैसले से जुड़े आदेश को भी मंजूरी दी है।

पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती के नियम तय

पूर्व अग्निवीरों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10% आरक्षण देने का फैसला पहले ही हो चुका था। अब इसे जमीन पर लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को मंजूरी दी गई है।

इसके तहत पुलिस में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण मिलेगा। नए नियमों में भर्ती का तरीका, पात्रता, चयन प्रक्रिया और सेवा शर्तें तय की गई हैं।

अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव को भी मिलेगा महत्व

सरकारी कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की भर्ती के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब मेरिट में दो अभ्यर्थियों के अंक बराबर होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।

इसके अलावा राज्य विश्वविद्यालय में पढ़ाने के अनुभव को भी मेरिट में जोड़ा गया है। एक शैक्षणिक सत्र में कम से कम 5 महीने पढ़ाने पर 5 अंक मिलेंगे। अनुभव के लिए अधिकतम 30 अंक ही रहेंगे।

राज्य विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को भी उनके अनुभव के आधार पर रिक्त पदों पर दोबारा नियुक्ति का मौका दिया जाएगा। मानदेय की व्यवस्था में भी बदलाव होगा। अब इसे कालखंड के बजाय काम किए गए दिनों के आधार पर तय किया जाएगा।

‘हनुमान अंश’ के टिकट पर एसजीएसटी की भरपाई

कैबिनेट ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने से जुड़े आदेश को भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 सितंबर को फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। इसके बाद वाणिज्यिक कर विभाग ने सिनेमाघरों को एसजीएसटी के बराबर राशि की प्रतिपूर्ति करने का आदेश जारी किया था। कैबिनेट ने अब इस आदेश का अनुसमर्थन कर दिया है।

 

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