
जिला पंचायत सीईओ ने खैरतराई व जुंगेरा सहित विभिन्न ग्रामों का किया औचक निरीक्षण
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति का लिया जायजा, आवास प्लस 2.0 सर्वे में पारदर्शिता बरतने के दिए निर्देश








रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद, 25 जून 2026




जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बालोद विकासखंड के ग्राम पंचायत खैरतराई और जुंगेरा सहित विभिन्न पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने शासन की विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों के हितग्राहियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने हितग्राहियों को आवास निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, साथ ही शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने हितग्राहियों की समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए उनके त्वरित निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। सीईओ श्री चंद्रवंशी ने जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में आवास निर्माण की प्रगति धीमी है, वहां निर्वाचित सरपंच, पंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। उन्होंने जनमानस में एक सकारात्मक माहौल तैयार कर हितग्राहियों से समन्वय स्थापित करने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में जिला पंचायत सीईओ ने विभिन्न ग्रामों में आयोजित ग्राम सभाओं में उपस्थित होकर स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, वी.बी.जी. रामजी योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत ’आवास प्लस 2.0’ के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम-जनरेटेड प्रतीक्षा सूची के सार्वजनिक वाचन, अवलोकन एवं सत्यापन प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपस्थित अधिकारियों, पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों को शासन द्वारा निर्धारित 12 मापदंडों के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीईओ श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए अपील की कि वे आवास प्लस 2.0 की प्रतीक्षा सूची का भली-भांति अवलोकन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रतीक्षा सूची पूरी तरह सिस्टम आधारित एवं एआई जनरेटेड है। सूची में नाम जोड़ने, काटने, अवलोकन या सत्यापन में यदि किसी भी स्तर पर राशि की मांग या अवैध वसूली की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।






