
राशन कार्ड को टैक्स से जोड़ने का विरोध, जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
कहा—राशन कार्ड गरीबों का अधिकार, संपत्ति कर जमा कराने की शर्त नियमों के विरुद्ध








रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद। नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को संपत्ति कर (टैक्स) जमा करने की अनिवार्यता से जोड़े जाने के विरोध में जनप्रतिनिधियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बालोद को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।





ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा नागरिकों से यह कहा जा रहा है कि जब तक संबंधित व्यक्ति का नगर पालिका कर जमा नहीं होगा, तब तक उसका राशन कार्ड नहीं बनाया जाएगा अथवा आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन नहीं किया जाएगा। जबकि राशन कार्ड निर्माण संबंधी प्रचलित नियमों एवं प्रावधानों में ऐसी किसी शर्त का उल्लेख नहीं है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि राशन कार्ड एक जनकल्याणकारी व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य गरीब एवं पात्र परिवारों तक खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना है। इसे किसी प्रकार के कर या राजस्व वसूली से जोड़ना पूरी तरह अनुचित एवं नियमों के विपरीत है। इससे गरीब, मजदूर और जरूरतमंद परिवारों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा कई पात्र परिवार अपने अधिकार से वंचित हो रहे हैं।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि मामले की जांच कर नगर पालिका परिषद को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को संपत्ति कर भुगतान से न जोड़ा जाए तथा सभी पात्र नागरिकों के राशन कार्ड नियमानुसार बिना किसी अतिरिक्त शर्त के बनाए जाएं।
ज्ञापन पर नगर पालिका परिषद बालोद के पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं।






