छत्तीसगढ़

भिलाई पावर हाउस स्टेशन में 1 लाख लीटर पानी टंकी का निर्माण किया जा रहा है उसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है 

By Dinesh chourasiya

साइट सुपरवाइजर सुजीत कुमार और सत्येंद्र कुमार के मुताबिक श्रीहरि इंटरप्राइजेस नाम से एक कंट्रक्शन कंपनी को पॉवर हाउस रेलवे स्टेशन में एक लाख लीटर पानी की टंकी सहित कई निर्माण कार्य करने का टेंडर मिला है। ठेकेदार ने पानी टंकी के बेस की ढलाई की है। इसमें गुणवत्ताहीन कंक्रीट और मानक से कम अनुपात में सीमेंट का उपयोग करके निर्माण किया है। ढलाई के समय रेलवे के इंजीनियर भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने साइट बिजट के दौरान ठेकेदार को फटकार लगाते हुए मटेरियल की गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ ही लोहे के क्यूब सांचे में कंक्रीट क्यूब ढालने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी ठेकेदार ने इंजीनियर के जाने के बाद हार्ड मटेरियल तैयार करके प्लास्टिक के सांचे में क्यूब की ढलाई की और उसकी स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए पानी से भरे ड्रम में डाल दिया। ठेकेदार ने जो बालू का उपयोग किया है उसमें मिट्टी की मात्रा काफी अधिक है। इससे भी कंक्रीट की स्ट्रेंथ में कमी आने की बात कही जा रही है।

चोरी की बिजली से हो रहा निर्माण कार्य
जिस जगह पर पानी की टंकी बन रही है, वह पॉवर हाउस रेलवे स्टेशन से लगी हुई है। नियम के मुताबिक ठेकेदार को बिजली का उपयोग करने के लिए अस्थाई बिजली कनेक्शन लेना होता है। उसने ऐसा न करके रेलवे स्टेशन से चोरी से बिजली का कनेक्शन ले लिया है। इतना ही जो तार वो स्टेशन से लाया है वो काफी पतली और गीली सतह से होकर गुजली है। ठेकेदार ऐसा करके चोरी की बिजली तो जला रहा है, लेकिन साथ ही रेलवे यात्रियों की जान को भी खतरे में डाल रहा है।

रेलवे इंजीनियर को खुश करने के लिए कर रहा काम
ऐसा बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने यह निर्माण कार्य पहले पेटी पर रेलवे के किसी इंजीनियर के रिश्तेदार को दिया था। वो जब काम नहीं कर पाया तो उसे पूरा करने के लिए खुद पानी की टंकी बना रहा है। इंजीनियर के रिश्तेदार को घाटा न लगे और इंजीनियर भी खुश रहे इसके लिए ठेकेदार वरुण के द्वारा मानकों को ताक में रखकर निर्माण कराया जा राह है।

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