छत्तीसगढ़

दुर्ग रफ्तार का ट्रायल… तीसरी लाइन पर 130 किमी की स्पीड से दौड़ी ट्रेन, 45 मिनट में दुर्ग से डोंगरगढ़ पहुंची, अभी पैसेंजर में 1.40 घंटे लगते हैं

दुर्ग से डोंगरगढ़ के बीच बिछी तीसरी लाइन में सोमवार को पहली बार 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई गई। इस ट्रेन ने डोंगरगढ़ से दुर्ग के बीच 67.5 किलोमीटर की दूरी महज 45 मिनट में तय की। इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड और रेलवे सुरक्षा समिति को भेजी जाएगी। जहां से अनुमति मिलने के बाद आने वाले दिनों में तीसरी लाइन में भी सवारी गाड़ियां 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से दौड़ने लगेंगी। अभी तक तीसरी लाइन में डोंगरगढ़ से दुर्ग आने में मेमू पैसेंजर में 1.40 घंटे लगते हैं और एक्सप्रेस ट्रेनों में 1.09 घंटे। ट्रॉयल को मान्यता मिलने से एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों का और रेलवे का 15 से 20 मिनट समय बचेगा। बचे हुए समय का उपयोग अन्य ट्रेनों के परिचालन में किया जा सकेगा। इससे एक तरफ जहां यात्रियों का समय बचेगा तो दूसरी ओर रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी।

सीओसीआर रैक से लिया गया ट्रॉयल आगे लोकल और एक्सप्रेस ट्रेन चलेंगी ट्रेनों की गति का ट्रायल लेने के लिए एक नया रैक बनाया गया है। इसका नाम कन्फर्मेट्री ओसिलोग्राफी कार रन (सीओसीआर) नाम दिया गया है। इसकी सहायता से नए ट्रैक पर दौड़ने वाली ट्रेनों से पहले ट्रायल लिया जा रहा है। इसे ठीक एक्सप्रेस और सुपरफास्ट मेल ट्रेनों की तरह बनाया गया है। इसमें एक इंजन और 25 बोगियां लगी हैं। इससे ट्रेनों को प्लेटफार्म में खड़ी करने में लगने वाले समय, प्लेटफार्म की लंबाई के अनुसार फिक्स तथ्यों को देखा गया। ट्रेनों के दौड़ने, टर्न, कर्व, एक पटरी से दूसरी पटरी में जाते समय लगने वाले झटके और एक्सजर्शन आदि का आकलन किया गया।

तकनीकी खामी के कारण एक दिन पहले टेस्टिंग का काम असफल रहा रविवार को दुर्ग से डोंगरगढ़ के बीच 130 की गति से ट्रेन को दौड़ाने का ट्रायल लिया गया था। इस दौरान तकनीकी खामियां सामने आईं। इसकी वजह से पहले दिन का ट्रायल असफल हो गया था। दुर्ग वापस आने के बाद सीओसीआर की तकनीकी खामियों को दूर किया गया। कोचिंग यार्ड में उसका परफेक्शन देखा गया। इसके बाद सोमवार को ट्रैक का फाइनल ट्रायल लिया गया। अब रेलवे बोर्ड को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहां से ट्रायल को मंजूरी मिलने के बाद ट्रेनों को तीसरी लेन में भी 130 की गति से दौड़ाई जाएगी।

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