छत्तीसगढ़

भिलाई स्टील प्लांट ने वेस्ट से बनाया टाइल्स:हर दिन होगा 1000 टाइल्स का प्रोडक्शन, नए प्लांट का उद्घाटन

By Dinesh chourasiya

भिलाई स्टील प्ल

भिलाई इस्पात संयंत्र ने वेस्ट मैनेजमेंट प्रबंधन का एक नया तरीका खोज निकाला है। अब यहां अपशिष्ट से पेवर ब्लॉक ग्रीन टाइल्स बनाया जाएगा। बीओएफ स्लैग से पेवर ब्लॉक बनाने के लिए बीएसपी के प्रभारी निदेशक अनिर्बान दासगुप्ता ने नए प्लांट का उद्घाटन किया। बीएसपी ने ये नया पहल हरित पर्यावरण, 100% ठोस वेस्ट के फिर से उपयोग और कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक ईंधन रहित प्रक्रिया है।

प्रभारी निदेशक दासगुप्ता ने कहा कि बीओएफ स्लैग का निपटान करना बीएसपी के लिए बड़ी चुनौती थी। अभी तक इसका सही हल नहीं निकल पाया था। अब पेवर-ब्लॉक बनाने के प्लांट से इसका हल निकल पाया है। इससे वेस्ट का सही प्रबंधन होने के साथ ही पेवर ब्लॉक से शहर का सौंदर्यीकरण हो पाएगा। इन ब्लॉक को पार्किंग, गार्डन और टाउनशिप की सड़क के किनारे लगाया जा सकेगा। ग्रीन टाइल्स प्लांट के लगने से दो उद्देश्य पूरे होंगे। पहला यह बीओएफ स्लैग के निपटारे में सहायता करेगा और दूसरा प्लांट और टाउनशिप के सौंदर्यीकरण के साथ राजस्व उत्पन्न में भी मदद करेगा।

ग्रीन टाइल्स प्लांट का उद्घाटन करने पहुंचे बीएसपी के प्रभारी निदेशक।
ग्रीन टाइल्स प्लांट का उद्घाटन करने पहुंचे बीएसपी के प्रभारी निदेशक।

हर दिन होगा 1000 टाइल्स का उत्पादन
दासगुप्ता ने बताया कि प्लांट से हर दिन 1000 टाइल्स के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। आगे चलकर इसे मांग के अनुसार बढ़ाया जाएगा। बीएसपी के ग्रीन टाइल्स प्लांट में बने पेवर ब्लॉक वर्तमान में बाजार में उपलब्ध ब्लॉक से काफी सस्ते और बेहतर हैं। इससे लोगों में इसकी डिमांड अधिक होगी और इससे राजस्व भी आएगा।

जुगाड़ टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा बीएसपी
भिलाई स्टील प्लांट ने देश ही नहीं विश्व में भी स्टील उत्पादन में नया कीर्तिमान हासिल किए हैं, लेकिन अब ये जुगाड़ टेक्नोलॉजी में अपना नाम बढ़ा रहा है। बीएसपी अब स्टील उत्पादन के साथ-साथ ‘जुगाड़ टेक्नोलोजी’ (वेस्ट मैनेजमेंट का सदुपयोग) में काफी बेहतर कर रहा है। इसके लिए उन्होंने अन्य विभागों को भी प्रयासरत रहने के लिए प्रोत्साहित किया है।

इन जगहों पर उपयोग होगा बीएसपी का पेवर ब्लॉक
बीएसपी से मिली जानकारी के मुताबिक उनके ग्रीन टाइल्स प्लांट में निर्मित पेवर ब्लॉक में IS 15658: 2006 के अनुसार M-40, 40 N/mm2 की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ है। इसके चलते यहां बने पेवर ब्लॉक का उपयोग पैदल-यात्री प्लाजा, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स रैंप, कार पार्क, कार्यालय ड्राइव-वे, आवास कॉलोनी, कार्यालय परिसर, कम मात्रा में यातायात वाली ग्रामीण सड़कों, फार्म हाउस, समुद्र तट स्थलों, पर्यटक रिसॉर्ट्स स्थानीय प्राधिकरण फुटपाथ, आवासीय सड़कों में किया जा सकता है।

रांची से ली है पेवर ब्लॉक बनाने की ट्रेनिंग
मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (आयरन) ने बताया कि उन्होंने बीएसपी की एक अंतर-विभागीय टीम को “(5-12 मिमी) बीओएफ स्लैग के माध्यम से पेवर ब्लॉक बनाना” सीखने के लिए आरडीसीआईएस रांची भेजा था। वहां उनकी टीम ने पायलट प्रोजेक्ट का अध्ययन किया। कुछ ही दिनों में की टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी लेने के बाद यहां एलडीसीपी आरएमपी-1 पाउडर शॉप के स्थान पर प्लांट लगाया।

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