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CG के इस जिले में बर्ड फ्लू की आशंका:कानन पेंडारी में वन्य प्राणियों को खतरा, CZA ने रोकी चिकन की सप्लाई

By Dinesh chourasiya

बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर जारी किया गया है अलर्ट। - Dainik Bhaskar

छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ रहा है। लिहाजा, बिलासपुर में भी पशु विभाग ने अलर्ट जारी किया है। कानन पेंडारी जू में बर्ड फ्लू फैलने की आशंका को देखते हुए CZA ने बाघ, तेंदुआ और शेर को आहार में दिए जाने वाले चिकन पर बैन लगा दिया है।

इसके साथ ही जू प्रबंधन भी सावधानी बरत रहा है। यहां पक्षियों की निगरानी की जा रही है। साथ ही सैनिटाइजेशन के साथ केज की नियमित सफाई की जा रही है। दूसरी तरफ जिला स्तर पर पशु विभाग ने सरकारी कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में लोगों के प्रवेश पर बैन लगा दिया है।

रायगढ़ सहित कई जगहों में बर्ड फ्लू का प्रकोप बढ़ रहा है। कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और वन्य प्राणी रहते हैं, जो बर्ड फ्लू जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं। ऐसे में चिकन सहित अन्य पक्षियों की मांसाहारी भोजन की सप्लाई पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

यह कदम पक्षियों के संपर्क में आने से रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि महामारी न फैल सके। प्रबंधन का मानना है कि ऐहतियात के साथ बर्ड फ्लू के फैलाव को नियंत्रित किया जा सकेगा। जिससे वन्य प्राणियों और जीव-जंतुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाएगी।

कुक्कुट पालन प्रक्षेत में की जा रही निगरानी दरअसल, रायगढ़ में बर्ड फ्लू फैलने के बाद बिलासपुर में इसे लेकर अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, अभी यहां बर्ड फ्लू का संक्रमण नहीं मिला है। लेकिन, बीमारी के फैलने की आशंकाओं को ऐहतियात बरती जा रही है।

इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए हर तरह के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। कोनी स्थित सरकारी कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र के अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। लेकिन, यह बीमारी इंसानों में भी फैल सकती है, ऐसे में सावधानी बरती जा रही है।

पोल्ट्री फार्म की जांच की जा रही है। यदि किसी पोल्ट्री फार्म में एक साथ कई मुर्गियों आदि की मौत होती है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। इधर स्वास्थ्य विभाग को भी इस बीमारी को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश हैं।

प्राइवेट पोल्ट्री फार्म संचालकों को भी निर्देश

बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पोल्ट्री फार्म की जांच शुरू कर दी गई है। संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि अगर असामान्य रूप से मुर्गियों की मौत होती है, तो इसकी तत्काल सूचना दी जाए। ताकि, ऐसे फार्म को सील कर सैंपल लेकर जांच कराई जा सके।

अफसरों ने बताया कि प्राइवेट पोल्ट्री फार्म की जांच की जा रही है। किसी भी तरह की आशंका होने पर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। ताकि बर्ड फ्लू की हर आशंका को दूर किया जा सके।

रैपिड रिस्पांस टीम बनी

पशु चिकित्सा विभाग ने संक्रमण की आशंका को देखते हुए आठ सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है, जो जिले के पोल्ट्री फार्म और प्रवासी पक्षियों पर कड़ी नजर रखेगी। इसके अलावा, पोल्ट्री उत्पादों के वितरण और पक्षियों के बाजारों की भी निगरानी की जाएगी।

विभाग ने पोल्ट्री किसानों और पक्षी पालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि किसी भी पोल्ट्री फार्म में पक्षियों की असामान्य मृत्यु होती है, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित संक्रमण को रोकने के लिए जिले में सीरो सर्वे और निगरानी अभियान भी चलाया जाएगा।

पर्यटकों से भी सावधानी बरतने की अपील

कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क के अधीक्षक एसके लूथर ने बताया कि बर्ड फ्लू को देखते हुए कानन पेंडारी में सावधानी बरती जा रही है। इसमें वन्य प्राणियों को चिकन देने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, पक्षियों के केज की सफाई के साथ विशेष निगरानी भी कराई जा रही है।

इसके साथ ही जू प्रबंधन आने वाले पर्यटकों से भी सावधानी बरतने की अपील कर रहा है और उन्हें सलाह दे रहे हैं कि वह किसी भी पक्षी के शव को न छुएं और न ही किसी प्रकार का मांस खरीदें।

हर बुधवार चिकन की होती है सप्लाई

कानन पेंडारी जू मांसाहारी वन्य प्राणियों के लिए आहार तालिका बनी हुई है। इसके मुताबिक प्रत्येक बुधवार को 225 चिकन वन्य प्राणियों को दिया जाता है। अन्य दिनों में मटन देने का नियम है। हालांकि, जू में कुछ उम्रदराज बाघ और तेंदुआ है। जिन्हें आहार में चिकन ही दिए जाते हैं।

इनके लिए प्रतिदिन 26 किलो चिकन आता है। लेकिन, बर्ड फ्लू को देखते हुए जू प्रबंधन ने इन्हें चिकन की जगह आहार में मटन देने का निर्णय लिया है।

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