
नक्सली हमले में शहीद होने वाले 10 जवानां में बड़े गडरा ग्राम पंचायत के कवासी पारा के दो जवान भी शामिल थे। आज एक साथ दो चिताओं को मुखाग्नि दी गई तो समूचा गांव रो पड़ा। नक्सली हमले में इस गांव के राजू रात करटम और जगदीश कवासी की शहादत हुई। दोनों ही गोपनीय सैनिक थे। दोनों शहीद जवान एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे। राजू करटम विवाहित था।
गुरूवार को अंतिम विदाई के दौरान एक ऐसा लम्हा आया जब मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई। दरअसल, राजू करटम के अंतिम संस्कार के वक्त उसकी पत्नी रेशमा चिता के ऊपर ही लेट कर विलाप करने लगी और मुझे भी साथ ले चलो कहकर जोर-जोर से रोने लगी।जिसको देख कर सबकी आँखें नम हो गयी।


















