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RBI का फरमान! अगर नोटों पर लिखी मिली ये चीजतो हो जाएंगे इनवैलिड, ऐसे दावों का सच RBI से जानिए

भारत में नोटों पर लिखना कोई नई बात नहीं है, आप लोगों को याद तो होगा जब नोट पर लिखा एक वाक्य बेहद वायरल हुआ था, सोनम गुप्ता को बेवफा कहने वाला उसका ब्वॉयफ्रेंड हो या अपने प्रेमी को शादी की जानकारी देने वाली कुसुम, ऐसे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दरअसल, सरकार की ओर से ये साफ किया गया है कि नोटो पर कुछ भी लिखने से वे इनवैलिड या बेकार नहीं होते हैं।

भारत में नोटों पर लिखना कोई नई बात नहीं है, आप लोगों को याद तो होगा जब नोट पर लिखा एक वाक्य बेहद वायरल हुआ था,”सोनम गुप्ता बेवफा है”, जिसके बाद इसका जवाब भी नोट के जरिए मिला,”मैं बेवफा नहीं हूं” नोट पर लिखे इस तरह के कई वाक्य सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अगर नए नोट पर कुछ लिखा तो वो वैध नहीं रहेगा लेकिन सवाल ये है कि क्या लिखे हुए नोट वैध हैं या नहीं?

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने 8 जनवरी को इस दुविधा को दूर कर दिया कि लिखे हुए नोट वैध हैं या नहीं। ट्विटर पर अपने आधिकारिक फैक्ट-चेक हैंडल पर, पीआईबी ने एक ‘वीवी आईएमपी’ अधिसूचना का एक स्क्रीन शोट शेयर किया है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से होने का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वायरल हो रहे पोस्ट में लिखा गया था

 RBI की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, नए नोट पर कुछ भी लिखने से वो अवैध हो जाएगा। वो मान्य नहीं रहेगा, ऐसा अमेरिका में भी होता है। वहां कोई भी लिखा हुआ नोट नहीं लेता है। इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को फॉरवर्ड करें ताकि भारत की जनता को इस बारे में पता चले। लिखे हुए नोटों की वैधता पर पीआईबी तथ्य-जाँच करता है। सरकार के आधिकारिक फैक्ट-चेकर, पीआईबी फैक्ट चेक ने इस वायरल हो रहे पोस्ट को फर्जी बताया है। फैक्ट चेक ट्वीट में कहा गया है कि जिन बैंक नोटों पर कुछ लिखा हुआ है, वे ‘अवैध नहीं हैं और वैध मुद्रा बने रहेंगे’। हालांकि, इसने स्वच्छ नोट नीति का हवाला दिया, जिसके तहत लोगों से अनुरोध किया जाता है कि वे करेंसी नोटों पर कुछ भी न लिखें क्योंकि इससे वो खराब दिखते हैं और कम समय तक चलते हैं।

यानी दावा झूठा निकला है। नोटों पर लिखने से वो अमान्य नहीं हो जाएंगे। हालांकि RBI की क्लीन नोट पॉलिसी को तब भी याद रखिए।

RBI की साफ नोट पॉलिसी

1999 में केंद्रीय बैंक ने एक पॉलिसी लागू की थी. इसमें लोगों से नोटों पर नहीं लिखने की अपील की गई है

बैंकों को गंदे और कटे-फटे नोटों के आदान-प्रदान के लिए अप्रतिबंधित सुविधा की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है

बैंकों को ये भी निर्देश दिया गया कि वो जनता को केवल अच्छी क्वालिटी के साफ नोट ही जारी करें और जनता द्वारा मिले गंदे नोटों को रिसाइकिल करने से बचें

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