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बालोद की बेटी सीमा ने मुंगेली में लहराया परचम, कर्तव्यनिष्ठा से जीता सम्मान

लालपुर थाने में प्रशिक्षु उपनिरीक्षक के रूप में निभा रहीं जिम्मेदारी, गंभीर अपराध में त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को पहुंचाया सलाखों के पीछे

रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)

मुंगेली/बालोद, 15 अगस्त 2026। मंजिल चाहे अपने शहर से दूर हो, लेकिन कर्तव्य के प्रति समर्पण इंसान की पहचान बन जाता है। ऐसी ही मिसाल पेश कर रही हैं बालोद की बेटी और थाना लालपुर में पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षक सीमा, जिन्होंने मुंगेली जिले में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उत्कृष्ट पुलिस कार्य से जिले का नाम रोशन किया है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान करने के लिए मुंगेली पुलिस द्वारा जारी अनुशंसा सूची में प्रशिक्षु उपनिरीक्षक सीमा का नाम भी शामिल किया गया है। उन्हें यह सम्मान थाना लालपुर अंतर्गत घटित बलात्कार के प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए प्रदान किया जाएगा।

 

बालोद से मुंगेली तक, वर्दी का फर्ज सबसे पहले

 

बालोद की धरती पर पली-बढ़ी सीमा आज मुंगेली जिले में पुलिस की वर्दी पहनकर अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। अपने गृह जिले से दूर रहते हुए भी उन्होंने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और गंभीर अपराध के मामले में तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की।

 

एक प्रशिक्षु उपनिरीक्षक के रूप में यह उपलब्धि उनके लिए विशेष मायने रखती है। उनकी कार्यशैली यह संदेश देती है कि वर्दी सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और जरूरतमंदों को न्याय दिलाने का संकल्प है।

 

स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान, बालोद के लिए भी गर्व का पल

 

मुंगेली पुलिस द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान करने की अनुशंसा की गई है। इसी सूची में सीमा का नाम शामिल होना उनके कार्य के प्रति विभागीय सराहना को दर्शाता है।

 

उनकी इस उपलब्धि से बालोद जिले में भी गर्व का माहौल है। एक बेटी का दूसरे जिले में जाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और साहस के साथ निभाना उन युवतियों के लिए प्रेरणादायक है, जो पुलिस सेवा में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं।

सीमा की कहानी यही संदेश देती है—जिम्मेदारी कहीं भी मिले, उसे ईमानदारी और साहस के साथ निभाया जाए तो सम्मान खुद चलकर आपके पास आता है।

 

मेरा नियुक्ति पत्र है। जैसे कि आप सभी मुझे फर्जी पत्रकार बोल रहे थे तो सबूत के तौर पर मैं कोई फर्जी पत्रकार नहीं हूं 

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