
जांजगीर-चांपा: जिले में शव का अंतिम संस्कार करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। मुक्तिधाम में जलती चिता पर पानी डालकर बुझा दिया और शव को बाहर निकाल दिया गया। श्मशान घाट में शव जलाने को लेकर दो पक्षों के बीच गलीगलौज व मारपीट भी हुई।
इसके बाद गांव में तनाव बढ़ गया। रात में ही एक पक्ष अधजले शव को लेकर थाना पहुंच गया और दूसरे दिन गुरुवार को शव को गाड़ी में रखकर बारद्वार-जैजैपुर रोड़ में सुबह से ही चक्काजाम कर दिया गया। सूचना पर एसडीएम, तहसीलदार समेत पुलिस पहुंची। मृतक के परिजन कार्रवाई को लेकर अड़े रहे। शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर सरपंच समेत कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद शव का दाह संस्कार कराया गया।







जानकारी के मुताबिक 24 वर्षीय बाराद्वार बस्ती निवासी प्रदीप पाटले ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने मुक्तिधाम पहुंचे। बारिश के कारण अंतिम संस्कार करने में परेशानी हो रही थी। गांव में तालाब के पास एक दूसरा श्मशान घाट है, जहां शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। मुक्तिधाम में चिता पर लाश जल रही थी।
इस दौरान गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और श्मशान घाट को अपने समाज का बताते हुए दाह संस्कार पर आपत्ति करने लगे। इस पर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। गालीगलौज और मारपीट भी होने लगी। आपत्ति करने वालों ने जलती चिता पर पानी डाल दिया और शव को बाहर निकाल दिया। लकड़ियों को फेंकते हुए शव को लात भी मार दी। इससे परिजन और समाज के लोग भड़क गए।
परिजन और उसके समाज के लोग अंतिम संस्कार रोकने से आक्रोशित हो गए। उन्होंने बाराद्वारा-जैजैपुर मार्ग पर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। विवाद की सूचना पर एसडीओपी, बाराद्वार तहसीलदार, टीआई और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और प्रशासन ने मामला शांत कराया। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। चांपा एसडीओपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि श्मशान घाट में चिता जलाने को लेकर विवाद हुआ है। परिजन की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 147 यानि बलवा और 297 यानि मुक्तिधाम में रखे शव की अवहेलना या अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया है।










