छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ का 124 किमी हिस्सा:धमतरी-नगरी के जंगलों को चीरती हुई बनने लगी विशाखापट्नम के लिए सिक्सलेन

छत्तीसगढ़ का 124 किमी हिस्सा:धमतरी-नगरी के जंगलों को चीरती हुई बनने लगी विशाखापट्नम के लिए सिक्सलेन

धमतरी-नगरी के जंगलों को चीरती हुई बनने लगी विशाखापट्नम के लिए सिक्सलेन|रायपुर,
धमतरी और नगरी से औसतन 30 किमी दूर केरेगांव का जंगल क्रास कर रही है विशाखापट्नम सिक्सलेन
रायपुर से विशाखापटनम तक बनने वाली सिक्सलेन एक्सप्रेस वे के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। नया कॉरिडोर बनने के बाद से रायपुर से विशाखापटनम की दूरी 83 किमी कम हो जाएगी। धमतरी- नगरी मार्ग पर यह सिक्सलेन जंगल को चीरती हुई निकल रही है। पहले चरण में इसका निर्माण अभनपुर के झांकी से धमतरी के सरगी तक 42 किलोमीटर तक में किया जा रहा है।

यह काम तीन चरणों में पूरा होगा। बताया गया है कि वर्तमान में रायपुर से विशाखापटनम की दूरी 546 किलोमीटर है, लेकिन नई सड़क बनने के बाद यह घटकर 463 किलोमीटर हो जाएगी। रायपुर से विशाखापट्टनम जाने में करीब 12 घंटे लगते हैं। लेकिन नई सड़क बन जाने से यह सफर अधिकतम 8 घंटे का हो जाएगा।

खास बातें

प्रदेश का पहला एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे होगा, जिसमें कुछ जगह से एंट्री।
सड़क जमीन से 4-5 फीट ऊपर ही रहेगी, ताकि मवेशी इस पर घुस नहीं सकें।
फिक्सड टोल नहीं लगेगा। यानी जितनी दूरी चलेंगे, उतना ही टोल टैक्स।
35 किलोमीटर क्षेत्र में अंडरपास आैर आेवरब्रिज होंगे, ताकि वन्यजीवों को रास्ता मिले।
सड़क तीन राज्यों में
रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर तीन राज्यों से होकर गुजरेगी। इसमें छत्तीसगढ़ में 124.6 किमी, ओडिशा में 262.2 किमी और आंध्र प्रदेश में 99.6 किमी का निर्माण होगा। प्रोजेक्ट 20 हजार करोड़ रुपए का है और 2 साल में सड़क शुरू होनी है।

केशकाल में दो सुरंग
इस कॉरिडोर का 70 किमी एरिया वन विभाग के अधीन है। वन विभाग से रुक-रुक कर मिल रही अनुमति के कारण तीसरे चरण के काम में थोड़ी देरी हो रही है। इस मार्ग में केशकाल की पहाड़ियों पर 2.8 किलोमीटर लंबी दो सुरंगें बनाई जाएंगी।

 

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