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छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक  25 दिन में 9 लोगो को उतारा मौत के घाट बिगड़ैल दंतैल हाथी को काबू में लाने ATR से कोरबा लाया गया राजू हाथी

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ में पिछले 25 दिनों में हाथी के हमले से 9 लोगों की जान जा चुकी है। अब कोरबा वन विभाग ने बौखलाए हाथी को काबू में करने के लिए प्रशिक्षित कुमकी हाथी राजू को ATR से लाया है। यह हाथी टाइगर को ट्रैक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। प्रशिक्षित कुमकी हाथी राजू पंतोरा पहुंच चुका है।

दरअसल, तपकरा रेंज के रापाडांड में हाथी ने 2 सगे भाइयों को कुचलकर मार दिया था। जशपुर जिले के बगीचा नगर पंचायत के वार्ड 9 में शुक्रवार की रात दंतैल हाथी ने रामकेश्वर सोनी के कच्चे मकान को निशाना बनाया। रामकेश्वर सोनी (35), उसके 25 वर्षीय भाई अजय सोनी, 9 वर्षीया बेटी रविता सोनी को कुचलकर मार दिया। पड़ोसी अश्वनी कुजूर को भी सूंड से खींच कर पैरों से कुचल दिया।

लोनर हाथी ने जमकर तांडव मचाया

इसी तरह कोरबा में भी लोनर हाथी ने जमकर तांडव मचाया हुआ है। रिहायशी इलाके में घुसकर तीन महिलाओं को हाथी ने कुचलकर मार दिया। इसके अलावा 5 मवेशियों को भी मौत के घाट उतार दिया। 10–12 साल के इस लोनर हाथी ने तीन दिन तक जमकर उत्पात मचाया।

जांजगीर से कोरबा पहुंचा हाथी

जांजगीर जिले के जंगलों से यह हाथी कोरबा के कुसमुंडा इलाके में आ धमका। रलिया गांव में घुसकर एक महिला को मौत के घाट उतार दिया। इसके साथ ही 6 मवेशियों को भी मार दिया। वन विभाग के कर्मचारियों को जब तक भनक लगी तो चार-पांच गांव पार कर खोड़री गांव के बीच नर्सरी में छिप गया।

वन विभाग के अधिकारी–कर्मचारी और पुलिसकर्मी ड्रोन कैमरे की नजर से हाथी की मॉनिटरिंग कर रहे थे, लेकिन शाम ढलते ही हाथी सबसे नजर बचा पास के गांव खैरभवना में पहुंच गया। यहां दो महिलाओं को कुचलकर मार डाला।

बौखलाए हाथी को काबू करने के लिए वन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन वन विभाग के सारे उपाय असफल रहे। हाथी ने कोरबा जिले में 12 घंटे के भीतर तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

एटीआर से पहुंचा प्रशिक्षित कुमकी हाथी, टाइगर को भी कर चुका है ट्रैक

वर्तमान में मिल रही जानकारी के अनुसार हाथी जांजगीर जिले के छाता पहाड़ के जंगल के आसपास है। इस बिगड़ैल दंतैल हाथी को काबू करने अचानक मार्ग टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित कुमकी हाथी पहुंचा है। हाथी का नाम राजू है।

यह हाथी किसी भी तरह की वाइल्ड लाइफ इमरजेंसी की स्थिति में ऑपरेशन करने में सक्षम है। बार– नवापारा अभ्यारण्य में टाइगर को ट्रैक करने में राजू हाथी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। अब देखना यह है कि दंतैल लोनर हाथी को राजू कब तक काबू कर पाता है।

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