
भिलाई में 20 लाख के गांजा के साथ 3 आरोपी दबोचे गए :तस्करी करने खरीदी 5 गाड़ियां, कोयला और सब्जी के नीचे छिपाकर लाते थे उड़ीसा से गांजा एक ही नंबर प्लेट की दो गाड़ियां का इस्तमाल
By Dinesh chourasiya
दुर्ग जिले की क्राइम टीम ने जामुल थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह डेढ़ क्विंटल गांजा के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी घासीदास नगर जामुल के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक ट्रक, दो पिकअप, एक स्कोडा और एसयूवी सहित 5 गाड़ियों को जब्त किया है। जिसमें दो गाड़ियां एक ही नंबर की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एडिशनल एसपी क्राइम रिचा मिश्रा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि जामुल थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ी संख्या में महिला और अन्य लोग गांजा बेचने का काम करते हैं। एसपी दुर्ग के निर्देश पर उन्होंने टीम को इसमें लगाया। जांच के दौरान पता चला कि जामुल में घासीदास नगर जय स्तंभ के पास रहने वाले दिनेश डहरिया उर्फ सोनी (22 साल) अपने मोहल्ले के रहने वाले साथी शिव कुमार टंडन (23 साल) और खिलावन यादव (22 साल) के साथ मिलकर कई सालों से गांजा तस्करी का काम करता है। वही इन लोगों को गांजा सप्लाई करता है।








दुर्ग पुलिस की क्राइम टीम ने मुखबिर को अलर्ट किया कि कब सोनू का माल आता है। मुखबिर ने सूचना दी कि सोनू ने बड़ी मात्रा में गांजा मंगवाया है और गुरुवार 2 जून की सुबह उसका गांजा भिलाई आने वाले है। क्राइम एएसपी ऋचा मिश्रा और टीआई कपिल पाण्डेय सहित उनकी पूरी टीम जामुल बोगदा पुलिया में गाड़ी आने का इंतजार करने लगी। सुबह 8 बजे करीब गाड़ी आई। जैसे ही पुलिस ने गाड़ी को रोका गाड़ी वाले ने गाड़ी को ना रोककर भागने लगा। पुलिस ने पीछा करके उसे पकड़ा। पकड़ने पर देखा कि ट्रक में कोयला लदा हुआ था।

क्राइम टीम को पक्की सूचना थी कि गाड़ी में गांजा है। इसके बाद जब कोयले के अंदर खोजा गया तो बोरे में भरा डेढ़ क्विंटल गांजा जब्त किया गया। जब्त गांजा की बाजारी कीमत लगभग 20 लाख रुपए बताई जा रही हैं। वहीं इस काम में उपयोग होने वाले 5 गाड़ी को भी जब्त कर तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गाय।

ओडिशा से लाता था गांजा




एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि सोनू पिकअप में सब्जी और ट्रक में कोयला लोड करने के बहाने उन्हें रायगढ़ भेजता था। वह रायगढ़ से उन गाड़ियों में कोयला और सब्जी लोड भी करता था, लेकिन वहां से गाड़ी भिलाई ना लाकर सीधे उड़ीसा चला जाता था। उड़ीसा बार्डर में उसके लोग गांजा लेकर इंतजार करते थे। वहां वो उस गांजे को सब्जी और कोयले के नीचे छिपाकर वापस भिलाई आ जाता था। सोनू और उसके साथी ये अवैध कारोबार पिछले तीन चार सालों से करते आ रहे हैं।
एक नंबर के दो पिकअप से करता था सप्लाई
आरोपी इतना शातिर है कि वो एक नंबर का दो पिकअप रखे हुए था। पुलिस उसके पास से जो दो पिकअप जब्त किया है, उन दोनों का नंबर CG 07 CJ 8751 है। पुलिस का कहना है कि आरोपी दो गाड़ियों में एक ही नंबर रखता था। दोनों गाड़ियों को एक तरह की बनाकर रखा था। इससे अगर पुलिस गाड़ी को कहीं पकड़े तो वो उसे दूसरी जगह होना दिखाकर बच सके।

कुछ महीने पहले ही जेल से छूटा है गांजा तस्करी के मामले
सोनू डहरिया महज 22 साल की उम्र में पेशेवर गांजा तस्कर बन गया था। वो अपने साथियों के साथ उड़ीसा गांजा तस्करी करके पूरे भिलाई और दुर्ग सहित आसपास के जिलों में उसकी थोक सप्लाई करता था। कुछ महीने पहले ही वो गांजा की बड़ी खेप के साथ आरंग में पकड़ाया था। उस मामले में जनवरी 2024 में जेल से छूटा था। उसके बाद से उसने गांजा तस्करी के काले कारोबार को और तेजी से करना शुरू कर दिया।

रास्ते में बदल देता था गाड़ी
सोनू डहरिया इतना शातिर है कि गांजा तस्करी के लिए उसने खुद की 5 अलग-अलग गाड़ियां खरीदी। वो गांजा लाने के लिए एक साथ कई गाड़ी भेजता था। गांजा लाते समय वो एक के बाद एक आगे पीछे फालो गाड़ी चलाता था। यदि उसे जरा भी शंका हुई कि पुलिस में मुखबिरी हुई है तो वो रास्ते में ही गाड़ी को बदल देता था।





