
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, उत्कृष्ट कार्य करने वालों का होगा सम्मान: कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा
गुरूर विकासखंड में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक, टीबी मुक्त अभियान, संस्थागत प्रसव और सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण पर दिए सख्त निर्देश
रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद, 31 जुलाई 2026
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज विकासखण्ड मुख्यालय गुरूर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए गुरूर विकासखण्ड के विभिन्न प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर प्रगति एवं उत्कृष्ट कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खण्ड चिकित्सा अधिकारी को बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को 15 अगस्त को जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित करने हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जेएल उइके, जिला अस्पताल बालोद के मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आरके श्रीमाली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में श्रीमती मिश्रा ने गुरूर विकासखण्ड में टीबी मुक्त अभियान के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को गुरूर विकासखण्ड को टीबी मुक्त बनाने के पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके अंतर्गत उन्होंने संदेहस्पाद व्यक्तियों का सैम्पल कलेक्शन आदि कार्यों की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने गुरूर विकासखण्ड के सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों में अधिकारी-कर्मचारियों के कुल स्वीकृत पद के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में उन्होंने सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की स्थिति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रवार संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य केन्द्रों में जून 2026 की स्थिति में अब तक कराए गए कुल प्रसव के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती माताओं को अन्य अस्पतालोें में रेफर किए जाने पर उसका कारण भी पूछा। उन्होंने बिना वाजिब कारणों से अन्य अस्पतालोें में बिल्कुल भी रेफर नही करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने उपस्वास्थ्य केन्द्र बड़भूम, सोंहपुर, खुदनी आदि स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की बेहतर स्थिति पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इन स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित करने हेतु प्रस्ताव भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने उपस्वास्थ्य केन्द्र बड़भूम में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक के रूप में एक मात्र अधिकारी पदस्थ होने पर उनके सहयोगी स्टाफ की पदस्थापना करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव में अपेक्षित प्रगति नही लाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी।
बैठक में श्रीमती मिश्रा ने गुरूर विकासखण्ड में 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर सेे बचाव हेतु टीकाकरण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी बालिकाओं को शत प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के बचाव हेतु टीका लगाने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होेंने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को गुरूर विकासखण्ड के सभी प्राचार्यों को पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अलावा आम नागरिकों का मानसिक स्वास्थ्य, मुँह एवं ब्रेस्ट कैंसर की जांच के अलावा उच्च रक्तचाप, डायबिटिज आदि बीमारियों की जांच के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को इसका नियमित रूप से जांच करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने वर्षा ऋतु के मद्देनजर मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को समझाईश देते हुए कहा कि आप लोगों का कार्य आम जनता के जीवन से सीधे जुड़े होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आदर्श पेशा है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे समय मुस्तैद रहकर अपने जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शासन के मंशानुरूप जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं को उत्कृष्ट बनाना मेरे भी प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए उन्होंने नियमित रूप से सभी विकासखण्डों में जाकर स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करने की बात कही। जिससे कि समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मैं हर समय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का सहयोग करने के लिए खड़ी हूँं। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर गुरूर विकासखण्ड के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी को पौधे भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया गया।
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रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
