रसमड़ा-फ्रैक्ट्री में खप रहा था बीएसपी से चोरी का लोहा कंपनी का डायरेक्टर गिरफ्तार
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में दुर्ग पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है।







पुलिस के मुताबिक, भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से लोहे का कबाड़ चोरी कर रसमड़ा की रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड कंपनी में खपाने की बात सामने आई थी। इसी मामले में पुलिस ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग (60) और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह (39) को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया है।
इस पूरे मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले पुलिस ने GM-AGM समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किया गया लोहे का कबाड़ फैक्ट्री तक कैसे पहुंचाया गया और इसकी खरीद-फरोख्त में कौन-कौन लोग शामिल थे।





गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में आए नाम सामने
पुलिस के अनुसार, मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। पूछताछ में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने तकनीकी सबूत की भी जांच की। जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किया गया लोहे का कबाड़ रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड की फैक्ट्री में खपाए जाने की बात सामने आई है।
बयान के आधार पर आरोपी बनाया गया जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया। इसके बाद पुलिस ने दोनों बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में मिले साक्ष्यों और पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
BSP लोहा चोरी मामले में कंपनी के MD और डायरेक्टर गिरफ्तार
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार विनोद कुमार गर्ग रायपुर के भाठागांव स्थित वालफोर्ट सिटी के रहने वाले हैं। वे रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वहीं, संदीप कुमार सिंह दुर्ग के स्मृति नगर क्षेत्र के रहने वाले हैं और कंपनी में डायरेक्टर हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में आए नाम सामने
पुलिस के अनुसार, मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। पूछताछ में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने तकनीकी सबूत की भी जांच की। जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किया गया लोहे का कबाड़ रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड की फैक्ट्री में खपाए जाने की बात सामने आई है।
बयान के आधार पर आरोपी बनाया गया जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया। इसके बाद पुलिस ने दोनों बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में मिले साक्ष्यों और पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
BSP लोहा चोरी मामले में कंपनी के MD और डायरेक्टर गिरफ्तार
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार विनोद कुमार गर्ग रायपुर के भाठागांव स्थित वालफोर्ट सिटी के रहने वाले हैं। वे रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वहीं, संदीप कुमार सिंह दुर्ग के स्मृति नगर क्षेत्र के रहने वाले हैं और कंपनी में डायरेक्टर हैं।
26 मई को हुआ था मामले का खुलासा
26 मई 2026 को पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स और हथखोज के प्लॉट नंबर-18 में छापा मारा था। जांच के दौरान कई हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री मिली थी।
मौके से करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया गया था। इसके अलावा स्क्रैप की ढुलाई और लोडिंग में इस्तेमाल होने वाले कई वाहन, जेसीबी, हाईड्रा और अन्य मशीनें भी जब्त की गई थीं। जब्त सामान और वाहनों की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपए आंकी गई थी। इसमें लगभग 90 लाख रुपए का लौह स्क्रैप शामिल था।
फ्लू डस्ट
स्टील प्लांट, ब्लास्ट फर्नेस, स्पंज आयरन या धातु उद्योगों की चिमनी (Flue) से निकलने वाली महीन धूल। इसमें लौह कण (Iron), जिंक, सीसा और अन्य धातुएं हो सकती हैं। इसे डस्ट कलेक्टर या बैग फिल्टर से एकत्र किया जाता है। फ्लू डस्ट का जिक्र आमतौर पर स्टील उत्पादन से जुड़ा होता है।
2. फ्लाई ऐश
कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट में कोयला जलने के बाद बनने वाली राख। इसका उपयोग सीमेंट, ईंट, सड़क निर्माण और कंक्रीट में किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से सिलिका, एल्युमिना और कैल्शियम जैसे तत्व होते हैं।
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