PM के बर्थडे पर विधायक ने बांटी टूटी साइकिलें स्कूल की छात्राएं बोलीं- चलाने लायक नहीं, प्रिंसिपल ने कहा- रिपेयर करवाएंगे
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में PM मोदी के बर्थडे पर छात्राओं को बांटी गई साइकिलें टूटी निकलीं। 17 सितंबर को सिंघोरी स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूल में विधायक दीपेश साहू ने 62 छात्राओं को साइकिल बांटी थी। इनमें कई साइकिलों में पैडल, घंटी, सीट और कैरियर टूटे मिले, टायर भी पंचर थे।







बच्चों की शिकायत के बाद प्रिंसिपल संजय प्रसाद पयासी ने रिपेयर करवाने की बात कही है। वहीं, DEO ने भी मामले में संज्ञान लिया और कहा कि स्कूल प्रबंधन को डैमेज साइकिलें हैंडओवर में नहीं लेनी थीं। उन्होंने जल्द कार्रवाई की बात कही है। बता दें कि ये साइकिलें सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को दी गई थीं।
पहले देखिए तस्वीरें…




छात्राएं बोलीं- खराब साइकिलें चला नहीं पा रहे
स्कूल में वितरण के बाद कई साइकिलों की स्थिति खराब मिली। कुछ टायरों में हवा नहीं थी और कुछ में हवा भरने वाला वाल्व तक गायब था। कई साइकिलों की घंटी, सीट और पैडल टूटे हुए थे। सामान रखने वाला कैरियर भी क्षतिग्रस्त मिला।
छात्राओं का कहना है कि पैडल खराब होने, टायर में हवा नहीं होने और साइकिल के हिलने की वजह से वे उन्हें ठीक से चला नहीं पा रही हैं। उन्होंने साइकिलों की गुणवत्ता की जांच कर खराब हिस्सों को ठीक कराने की मांग की है।
DEO बोले- स्कूल ने हैंडओवर क्यों लिया
मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि स्कूल ने खराब साइकिलों का हैंडओवर क्यों लिया। साइकिलें लेते समय जांच किया जाना चाहिए था। प्रिंसिपल की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रिंसिपल बोले- डैमेज साइकिलों की रिपेयरिंग कराएंगे
स्कूल के प्रिंसिपल संजय प्रसाद पयासी ने बताया कि सरकार की ओर से प्राप्त साइकिलों का वितरण किया गया है। उन्होंने माना कि कुछ साइकिलों में गुणवत्ता संबंधी समस्या सामने आई है। उनके अनुसार, जो साइकिलें डैमेज हैं, उनकी रिपेयरिंग कराकर छात्राओं को उपयोग के योग्य उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक ने बताई योजना की जानकारी
साइकिल वितरण के बाद विधायक दीपेश साहू ने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना के तहत 62 छात्राओं को साइकिल दी गई है। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को स्कूल आने-जाने की सुविधा देना और उनकी पढ़ाई को जारी रखने में मदद करना है।
700 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं
सिंघोरी स्थित आत्मानंद स्कूल में पहली से 12वीं तक की क्लास लगती हैं। यहां 700 से ज्यादा बच्चे पढ़ाई करते हैं। छात्राओं को दी गई साइकिलों की गुणवत्ता सीधे उनकी उपयोगिता से जुड़ी है।
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