CG में 12 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागे 8 नाबालिग आरोपी बाल संप्रेक्षण गृह की खिड़की ग्रिल तोड़ी ; रेप-चोरी आबकारी के केस में थे इन पर
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सोमवार तड़के करीब साढ़े 3 बजे 8 नाबालिग बाल संप्रेक्षण गृह से भाग निकले। नाबालिगों ने पहले खिड़की की ग्रिल तोड़ी, फिर करीब 12 फीट ऊंची सुरक्षा दीवार पर लगे कांटेदार तार काटकर फरार हो गए। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।







जानकारी के मुताबिक फरार हुए सभी नाबालिग पिछले 4-5 महीनों से बाल संप्रेक्षण गृह में रखे गए थे। इनमें 1 रेप, 2 चोरी, 3 आबकारी और 2 एनडीपीएस एक्ट के मामलों में अंदर थे। जबकि 2 नाबालिग ओडिशा के रहने वाले हैं। फिलहाल पुलिस सभी नाबालिगों की तलाश में जुटी हुई है।




27 में से 8 नाबालिग भागे
दरअसल, जिला मुख्यालय से लगे बरोंड़ा बाजार में बाल संप्रेक्षण गृह है, जहां कुल 27 बच्चों को रखा गया है। सोमवार तड़के जब स्टाफ की नजर खिड़की पर पड़ी तो उसकी ग्रिल टूटी हुई मिली। इसके बाद जांच की गई, पता चला कि 8नाबालिग बाल अपचारी गायब हैं।
बाहर जाकर देखा गया तो सुरक्षा दीवार पर लगे कांटेदार तार भी कटे हुए मिले। इसके बाद फौरन मामले की जानकारी सिटी कोतवाली पुलिस, महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही अधिकारी बाल संप्रेक्षण गृह पहुंचे और मौका मुआयना किया।
फरार नाबालिगों की तलाश जारी
पुलिस ने जिलेभर में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। आसपास के जिलों और संबंधित थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट किया गया है। संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। फरार नाबालिगों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

छत्तीसगढ़ और ओडिशा के रहने वाले हैं नाबालिग
फरार नाबालिग में एक बलौदाबाजार के भाटापारा थाना क्षेत्र का है। दो सरायपाली, एक महासमुंद, एक फिंगेश्वर और एक धमतरी जिले के कुरूद थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। वहीं दो बाल अपचारी ओडिशा के कालाहांडी जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
लापरवाही या मिलीभगत, दोनों पहलुओं की जांच
सिटी कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना सिर्फ लापरवाही का नतीजा थी या इसके पीछे किसी की मिलीभगत भी है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
2 साल पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
करीब 2 साल पहले भी इसी बाल संप्रेक्षण गृह से नाबालिग फरार हुए थे। उस घटना के बाद सुरक्षा मजबूत करने के लिए चारदीवारी करीब 4 फीट ऊंची की गई थी और ऊपर कांटेदार तार लगाए गए थे। अधिकारियों ने दावा किया था कि अब ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।
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