छत्तीसगढ़

दुर्ग में आयुष्मान से इलाज कर पैसा लेने की शिकायत तीन निजी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस

By Dinesh chourasiya

आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज की जगह पैसे मांगे जाने की शिकायत को स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला ने आरोग्यम, मित्तल और सीएम हॉस्पिटल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है।

इन तीनों निजी अस्पतालों में भर्ती रहे 5 मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर डायल 104 पर कॉल कर ​िशकायत दर्ज कराई है। दिए गए नो​टिस में जिला नोडल ने तीनों अस्पताल प्रबंधन को अपना पक्ष रखने तीन दिनों का समय दिया है। निर्धारित समय में पक्ष नहीं रखने पर नर्सिंग होम एक्ट के साथ ही डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना (आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने चेतावनी दी है। इसमें से दो अस्पतालों की शिकायत अगस्त माह की और एक की शिकायत फरवरी महीने की है। सीधी बात अमित, डॉ. अनिल शुक्ला, जिला नोडल, आयुष्मान

आरोग्यम अस्पताल : दो किडनी मरीजों से 5500 रुपए लेने की भी ​िशकायत कादंबरी नगर, दुर्ग में संचालित आरोग्यम अस्पताल प्रबंधन की किडनी के दो मरीजों ने शिकायत की है। विजय कुमार जाजू और अरविंद कुमार चेलक नाम के इन मरीजों ने दवाई और ब्लड टेस्ट के नाम पर क्रमश: 30 व 25 हजार रुपए नगद लिए जाने का आरोप लगाया है। अस्पताल से छुट्टी होने के बाद दोनों ने डायल 104 पर कॉल कर शिकायत की है।

मित्तल हॉस्पिटल : तीन कैंसर मरीजों से 63950 रुपए लेना बताया गया ​जुनवानी में संच​ालित मित्तल अस्पताल प्रबंधन पर कैंसर रोग से पीड़ित तीन मरीजों से 63950 रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। इनमें विजय चांदवानी, पी नीलकमल और अजय ठाकुर ने क्रमश: 10 हजार, 3950 और 50 हजार रुपए नगद लिया जाना बताया है। तीनों के अनुसार प्रबंधन सबसे दवाई और जांच के नाम पर अतिरिक्त पैसे लिया है।

{ आयुष्मान में पैसा मांगने की शिकायत अक्सर होती है? {{ मुझे प्रभार मिले तीन दिन हुए हैं। अभी नोटिस जारी कर जवाब मांगा हूं। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कार्रवाई करुंगा। { अस्पतालों का कहना कि आयुष्मान के पैकेज चार्ज से उनका खर्च नहीं निकलता? {{ पैकेज को लेकर सरकार की समय-समय पर मीटिंग होती है। उसमें अस्पतालों को कहना चा​हिए। अभी तो कार्रवाई होगी। { जिन्होंने आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाए, उनके कार्ड नहीं बन रहे, इलाज रुक गया। आप क्या किए? {{ मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसके लिए मैंने राज्य इकाई को सूचित कर दिया है। जल्द ही यह परेशानी दूर हो जाएगी।

Related Articles

Back to top button