
छत्तीसगढ गरियाबंद के अभय ने रचा इतिहास,भूटान इंटरनेशनल प्रतियोगिता में जैवलिन थ्रो में जीता ‘गोल्ड मेडल
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ पुलिस रायपुर के अभय कुमार गणोरकर असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) के पद पर हैं. राजभवन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिन्होंने भूटान में इंटरनेशनल प्रतियोगिता 45 प्लस के एथलेटिक्स के जैवलिन थ्रो एवं हेमंतथ्रो के प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया
इंटरनेशनल स्पोर्ट्स चैंपियनशिप भूटान 2023 ऑर्गेनाइज्ड बाय साउथ एशियन फेडरेशन ऑफ़ आल स्पोर्ट्स सपोर्ट बाय वन नेशनल वन फ्लैग वन शूल स्पोर्ट्स ट्रस्ट इंडिया के तत्वधान में दिनांक 25 से 30-8-2023 तक गुंटूर भूटान में इंटरनेशनल प्रतियोगिता का आयोजन भूटान में आयोजित किया गया जिसमें इंडिया टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अलग-अलग इस प्रथा में अपना जौहर दिखाए जिसमें रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस में पदस्थ असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अभय कुमार गणोरकर ने 45 प्लस के एथलेटिक्स के जैवलिन थ्रो एवं हेमंतथ्रो के प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर अपना और अपने राज्य और देश का नाम रौशन किया, समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भूटान के ही किलजैक छीरिंग मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए विशेष अतिथि के रूप में गुरुग्राम हरियाणा की श्रीमती राजबाला देवी एवं ऑर्गेनाइज कमेटी के श्री अर्पण सिंह जी उपस्थित थे





ये गोल्ड मेरे पूज्य पिता जी को समर्पित पिता को याद कर के भावुक है अभय
अभय ने बताया वे अपने बाबूजी के बेहद क़रीब थे. वो उनके गुरु भी थे. मैं कभी भी कहीं भी किसी समस्या में रहता या कभी किसी अड़चन में मेरे बाबूजी से मैं सलाह लिया करता था. मेरे बाबूजी ने कहते थे मेहनत का कोई पैमाना नहीं होता, हार और जीत खेल के दो पहलू हैं. आप हार कर भी सीखते हो और जीत कर भी.आज बाबूजी होते तो मैं उन्हें ते गोल्ड पहना कर आशीर्वाद ज़रूर लेता

मूलतः रूप से अभय गरियाबंद निवासी है. वे अभी रायपुर पुलिस विभाग में एएसआई के पद पर है. अभय गणोरकर बालपन से ही होनहार छात्र रहे हैं. गरियाबंद के विभिन्न खेलों में उन्होंने ने गरियाबंद का परचम लहराया था. लॉन्ग जम्प और वॉलीबाल पर उन्होंने गरियाबंद में रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर गरियाबंद ज़िले का नाम रोशन किया था.
खेलों का गढ़ है गरियाबंद
गरियाबंद ज़िले में हर साल राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल रहे हैं. छोटे छोटे गांव से खिलाड़ी आ रहे हैं. अब गरियाबंद के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं है. आज हर खेल पर गरियाबंद के खिलाड़ियों ने अपना परचम लहरया है. अब ज़िले में साईं सेंटर भी जल्द खुलेगा, जिससे खेलो और खेल के प्रति जुड़े खिलाड़ियों को मिलेगा.
अभय कहते हैं हर खिलाड़ी में प्रतिभा छुपी हुई रहती है. बस उसे तरासने की ज़रूरत होती है. गरियाबंद में प्रतिभाओं की कमी नही है. गरियाबंद तो खेलों का गढ़ है, मै जो कुछ भी हूं आज गरियाबंद के बदौलत हूं. मैंने खेल के प्रति सम्मान लगन और मेहनत करना गरियाबंद के ग्राउंड से ही सीखा है. अभय गणोरकर के गोल्ड मेडल जीतने पर कान्हा क्लब के कोच जीडी उपासने कोच सचिन गुमास्ता कोच तेजपाल कुकरेज़ा, विकाश रोहरा प्रकास सरवैय्या ललित साहू छगन यादव प्रीत सोनी जीतूँ सेन इमरान मेमन अख़्तर खान दीप सिन्हा जयमूनी बगरती कादर खान सोहेल मेमन हेमशिखर धुर्व मोनु सिन्हा आशीष सपहा मनोज भगत गुनचु प्रहलाद यादव होरी यादव लच्छी यादव संतोष यादव जगदिस काटके जगदीश यादव नरेंद्र साहू मनोज खार्सैल रवींद्र दिवाकर नरेंद्र यादव सूरज सिन्हा अनुराग केला दीपक सिन्हा वैभव ठक्कर सिनु ठाकुर बाबू भोंसले रासो यादव युगल सिन्हा ओंकार बोरझा मनोज खार्सैल राकेश नरेंद्र यादव भावेश यादव एवं सभी खेल के खिलाड़ियों ने बधाई दी














