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भिलाई के सेक्टर-7 में फिर फैला पीलिया:अब तक 3 नए मरीज मिले; विभाग ने लगाया प्रभावित क्षेत्र में कैंप, संदिग्ध मरीजों के ले रहे सैंपल

By Dinesh chourasiya

भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-7 क्षेत्र में एक बार फिर पीलिया के मामले सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती तौर पर दूषित पानी को इसकी वजह माना है और प्रभावित इलाके में साफ पानी की सप्लाई शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक सेक्टर-7 के वार्ड-67 में अभी तीन नए मरीज सामने आए हैं। इससे पहले अप्रैल महीने में इसी इलाके की स्ट्रीट नंबर 37 ए में 9 से 14 अप्रैल के बीच कुल 37 मरीज मिले थे। अब एक बार फिर नए केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर पहुंचे प्रभावित क्षेत्र।

जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने बताया कि फिलहाल तीनों मरीजों की हालत सामान्य है। एहतियात के तौर पर मेडिकल मोबाइल यूनिट (एमएमयू) को इलाके में हेल्थ चेक-अप कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि बीमारी की असली वजह पता चल सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम डोर-टू-डोर सर्वे भी कर रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे पानी को उबालकर और छानकर ही इस्तेमाल करें।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र में जाकर सर्वे किया।

अप्रैल में भी मिले थे 37 मरीज इससे पहले स्ट्रीट नंबर 37 और 38 में मरीज मिले थे, लेकिन अब इसका असर स्ट्रीट नंबर 41, 42 और 43 तक पहुंच चुका है। लोगों का दावा है कि बीमारी धीरे-धीरे एक सड़क से दूसरी सड़क तक फैल रही है। रहवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी इसी इलाके में पीलिया का बड़ा असर देखा गया था, जिसमें करीब 20 से 22 बच्चे बीमार हुए थे। उस समय भी लोगों ने खराब पाइपलाइन और दूषित पेयजल को वजह बताया था, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।

शिविर लगाकर लिए जा रहे हैं सैंपल स्थानीय लोगों के मुताबिक इस बार भी करीब 10 से 15 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। एक बच्चे की हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसे दो दिन आईसीयू में भर्ती रखना पड़ा और करीब एक सप्ताह तक इलाज चला। डॉक्टरों ने लीवर पर असर की भी आशंका जताई थी। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद BSP प्रबंधन ने न तो पुरानी पाइपलाइन बदली और न ही बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया। अब वार्ड-67 के लोग मांग कर रहे हैं कि खराब पाइपलाइन तुरंत बदली जाए, साफ पेयजल की स्थायी व्यवस्था हो और नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जा रही हैं

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