दुर्ग में 57 हजार शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने प्रदर्शन किया। भर्ती कैलेंडर और नोटिफिकेशन जारी करने की मांग, सरकार को दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
By Dinesh chourasiya
दुर्ग शहर में छत्तीसगढ़ में 57 हजार शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर मंगलवार को शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने प्रदर्शन किया। शिक्षक भर्ती साझा मंच के बैनर तले जुटे अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गंजपारा स्थित कार्यालय तक पैदल मार्च निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पटेल चौक पर रोक दिया।







प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और समयबद्ध कैलेंडर जारी करने की मांग की।

हिंदी भवन से निकली रैली, रास्ते में पुलिस ने रोका




करीब 150 अभ्यर्थी हिंदी भवन के सामने एकत्र हुए। यहां से वे “हम अपना अधिकार मांगते, किसी से भीख नहीं मांगते” जैसे नारे लगाते हुए शिक्षा मंत्री के कार्यालय की ओर बढ़े। हालांकि, पुलिस ने पटेल चौक पर बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
पिछले अतिथि शिक्षक आंदोलन के दौरान हुए विवाद को देखते हुए प्रशासन पहले से अलर्ट था। हिंदी भवन से लेकर गंजपारा स्थित शिक्षा मंत्री कार्यालय तक कई स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मंत्री कार्यालय के बाहर भी बैरिकेडिंग की गई थी।
‘मोदी की गारंटी’ का वादा याद दिलाया
अभ्यर्थियों ने ज्ञापन में कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ के तहत दो वर्षों में 57 हजार शिक्षक भर्ती का वादा किया था। तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने भी 33 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की घोषणा की थी, लेकिन सरकार के लगभग तीन वर्ष पूरे होने के बावजूद अधिकांश पदों पर भर्ती शुरू नहीं हो सकी है।

सिर्फ 2292 पदों का नोटिफिकेशन जारी होने पर नाराजगी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब तक केवल 2292 सहायक शिक्षक पदों का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। वहीं व्याख्याता, शिक्षक, ग्रंथपाल, व्यायाम शिक्षक और प्रयोगशाला शिक्षक सहित अन्य पदों पर भर्ती की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
सरकार से पूछा- 57 हजार भर्ती कब पूरी होगी
छुरिया से आए प्रदर्शनकारी नरेंद्र सिन्हा ने कहा कि सरकार चरणबद्ध भर्ती की बात तो कर रही है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट शेड्यूल जारी नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि तीन साल में सिर्फ कुछ हजार पदों पर भर्ती हो रही है, तो शेष 57 हजार पदों पर भर्ती अगले दो वर्षों में कैसे पूरी होगी। सरकार को इसका स्पष्ट रोडमैप सार्वजनिक करना चाहिए।
अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति पर भी उठाए सवाल
अभ्यर्थियों ने दावा किया कि स्कूल शिक्षा संचालनालय के आंकड़ों के अनुसार 30 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। इसके बावजूद सरकार शिक्षकों की कमी नहीं होने का दावा कर रही है, जबकि कई जिलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। उनका कहना है कि इससे सरकार के दावों और जमीनी स्थिति में अंतर साफ दिखाई देता है।

हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए भी समान अवसर की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आत्मानंद और विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय की तर्ज पर हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी समान अवसर देने की मांग की। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण और हिंदी माध्यम के छात्रों को बराबरी का अवसर मिलेगा।
2027 में रिटायर होंगे बड़ी संख्या में शिक्षक
अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्ष 2027 में बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त होने वाले हैं। यदि अभी से भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आने वाले वर्षों में स्कूलों में शिक्षकों का संकट और गहरा जाएगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
- 57 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया जाए।
- चरणबद्ध और समयबद्ध भर्ती कैलेंडर घोषित किया जाए।
- सभी विषयों के रिक्त पदों पर भर्ती शुरू की जाए।
- पदों की संख्या बढ़ाई जाए।
- अधिकतम आयु सीमा में छूट और शैक्षणिक योग्यता में 5 प्रतिशत की राहत दी जाए।
- व्यायाम शिक्षक, ग्रंथपाल, प्रयोगशाला शिक्षक, शिक्षक, सहायक शिक्षक और व्याख्याता के रिक्त पदों पर भर्ती की जाए।
मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन
शिक्षक भर्ती साझा मंच ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं करती और 57 हजार शिक्षक भर्ती का स्पष्ट शेड्यूल जारी नहीं करती, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। मंच का कहना है कि अगली बार हजारों अभ्यर्थी राजधानी सहित पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेंगे।






