छत्तीसगढ़

CG : गांव तक पहुंचने पक्की सडक नहीं बेटे के शव को बाइक पर रख घर पहुँचा पिता,समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से 7 वर्षीय के बच्चे की हुई मौत शासन प्रशासन के दावों की पोल खोलती यह तस्वीर

By Dinesh chourasiya

गरियाबंद जिले के  मैनपुर क्षेत्र से दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है यहां एक पिता ने अपने 7 साल के बेटे की मौत बाद बेटे को, जर्जर सड़क की वजह से वह उनके शव को  बाइक पर ले गए. उन्होंने इस हालत में बेटे के शव के साथ करीब 03 किमी का सफर किया गांव तक पक्की सड़क नही होने के कारण जहरीली सर्प काटने के बाद एक मासूम को समय पर ईलाज नही मिलने से असमय काल के गाल मे समा गया और इससे भी दुखद यह की मृतक मासूम की लाश को गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण पिता और परिजनों ने मोटर सायकल के सहारे रोते बिखलाते घर तक पहुंचाया गया ,

तहसील मुख्यालय मैनपुर से लगभग 36 किलोमीटर दुर ग्राम पंचायत भुतबेडा के आश्रित ग्राम तेन्दुछापर के शासकीय प्राथमिक शाला में पढाई करने वाले कक्षा दुसरी के छात्र चन्द्रहास पिता सीताराम नेताम उम्र 07 वर्ष अपने परिजनों के साथ जमीन पर सोया हुआ था और आज गुरूवार तड़के चार बजे के आसपास कक्षा दुसरी के छात्र चन्द्रहास को जहरीले सर्प ने काट दिया उन्होंने तत्काल अपने माता पिता को इसकी सूचना दी और परिजनों ने सर्प को पकड़कर मारा तथा मासूम को गांव से लगभग तीन किलोमीटर दुर कच्ची दलदल पगडंडी मार्ग से लेकर सड़क तक पहुंचे और 108 संजीवनी एक्सप्रेस के माध्यम से मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया लेकिन काफी देर हो चुकी थी और छात्र चन्द्रहास की रास्ते में ही मौत हो गई। मैनपुर अस्पताल पहुचने पर डाॅक्टरों ने छात्र चन्द्रहास को मृत घोषित कर दिया जिसके पश्चात मृतक का पंचनामा व पोस्टमार्डम कर बकायदा मृतक छात्र के शव को स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुक्तांजली वाहन से उनके घर के लिए रवाना किया गया लेकिन ग्राम तेन्दुछापर तक पक्की सडक नही होने के कारण भूतबेडा मुख्य सड़क तक शव मुक्तांजलि वाहन से पहुचाया।

ग्राम तेन्दुछापर तक पक्की सडक नही होने के कारण परिजनों ने मोटर सायकल के बीच में लकडी के पट्टा रखकर उसके उपर मासूम छात्र के शव को लिटाकर तेन्दुछापर ग्राम के लिए रवाना हुए लेकिन इस तीन किलोमीटर कच्ची सड़क में जगह जगह दलदल और कीचड़ होने के कारण मृतक के पिता को अपने कलेजे के टुकडे के शव को बार बार मोटर सायकल से भी उतारना पडता था फिर मोटर सायकल को धक्का देना पडता फिर शव को मोटर सायकल में रखकर आगे बढते ऐसे उन्हे तीन से चार बार करना पडा इस दौरान मृतक के परिजन शव रखे मोटर सायकल के पीछे पीछे दौड रहे थे और तो और मृतक के छोटे छोटे भाई बहन बार यही पुछ रहे थे कि उनके भाई क्यों सो गया है भाई कब उठेगा यह दृश्य जिन्होने भी देखा उनके कलेजा मूंह पे आ गया ,ज्ञात हो कि मैनपुर विकासखण्ड क्षेत्र के राजापडाव गौरगांव ईलाके के ग्रामीण हमेशा पुल पुलिया और सडक की मांग को लेकर आंदोलन करते आ रहे है,

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