
छत्तीसगढ़ सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट ने गृह विभाग, DGP और व्यापम को जारी किया नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला….
By Dinesh chourasiya
बिलापुर। पुलिस महानिदेशक, रायपुर ने सूबेदार, सब-इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर (विशेष शाखा), प्लाटून कमांडर, सब-इंस्पेक्टर (फिंगर प्रिंट), सब-इंस्पेक्टर (प्रश्नगत दस्तावेज), सब-इंस्पेक्टर (कंप्यूटर) और सब-इंस्पेक्टर (रेडियो) एवं प्लाटून कमांडर के 975 पदों पर भर्ती एवं नियुक्ति के लिए दिनांक 17.09.2021 को विज्ञापन जारी किया था। जिनमें से 247 पद प्लाटून कमांडर के लिए विज्ञापन दिया था। विज्ञापन का खंड 4 विशेष रूप से प्रावधान करता है कि महिला उम्मीदवार प्लाटून कमांडर के पद के लिए पात्र नहीं हैं।
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के द्वारा दिनांक 16.05.2023 को 20618 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई जो की मुख्या लिखित परीक्षा के लिए पात्र है, उक्त सूची में याचिकाकर्ता सतीश कुमार कश्यप एवं तीन अन्य का नाम शामिल नहीं था, जिससे क्षुब्ध होकर सतीश कुमार कश्यप एवं तीन अन्य ने माननीय उच्च न्यायालय में अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी एवं घनश्याम कश्यप के माध्यम से रिट याचिका दायर की गई।







याचिका में याचिकाकर्ता के वकील ने यह तर्क दिया है उपरोक्त भर्ती प्रक्रिया में कुल रिक्तियों की संख्या 975 घोषित की गई थी जिसमें से 247 पद प्लाटून कमांडर के लिए विज्ञापित किए गए थे एवं महिला उम्मीदवार प्लाटून कमांडर के पद पर भर्ती के लिए पात्र नहीं होगी। इसलिए मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या लगभग 728*20=14560 होगी, और प्लाटून कमांडर के लिए 247*20= 4940 पुरुष अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा या अधिक के लिए पात्र होंगे, लेकिन वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में 975 पदों के 20 गुना उम्मीदवारों की गिनती करके मुख्य परीक्षा के लिए योग्य योग्यता सूची तैयार की है, जो मनमाना और अवैध है, यदि सही प्रक्रिया लागू की जाएगी याचिकाकर्ताओं के नाम मुख्य परीक्षा के लिए योग्य उम्मीदवारों की मेरिट सूची में जगह पा सकते हैं।











