छत्तीसगढ़

विश्व रक्तचाप दिवस के अवसर पर महापौर नीरज पाल ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के स्वास्थ्य शिविर का किया निरीक्षण, अब तक शिविर में 1 लाख 77 हजार लोग ले चुके है स्वास्थ्य लाभ

भिलाई नगर/ विश्व रक्तचाप दिवस के अवसर पर आज महापौर नीरज पाल ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने भिलाई वासियों से अपील है कि मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत लग रहे स्वास्थ्य शिविर में अधिक से अधिक लोग आकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराए, क्योंकि मोबाइल मेडिकल यूनिट में नि:शुल्क उपचार, नि:शुल्क परीक्षण और नि:शुल्क दवाइयों की सुविधा उपलब्ध है तथा बेहतर चिकित्सीय स्टॉफ मौजूद है।

गौरतलब है कि मोबाइल मेडिकल के स्वास्थ्य शिविर में अब तक 177961 लोगों ने शिविर का लाभ लिया है, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत इसका बेहतर क्रियान्वयन नगर पालिक निगम भिलाई में किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा अनुरूप श्रमिकों को उनकी ही बस्ती में उनके द्वार के नजदीक सारी चिकित्सकीय सुविधाएं मिल रही है। महापौर नीरज पाल एवं निगम आयुक्त रोहित व्यास के निर्देश पर लोगों को इस योजना का लाभ दिलाने वार्डों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर लग रहे हैं।

मोबाइल मेडिकल युनिट श्रमिक बस्तियों में जाकर अपनी चिकित्सकीय सेवा लगातार दे रही है। इसमें सभी वर्ग व उम्र के लोग अपनी ही बस्ती में अपने घर के समीप लगे कैंप में आकर निःशुल्क जांच कराकर दवाइयां ले रहे हैं। इस योजना का अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है। अब तक 2209 कैम्प लगाए गए। जिसमे 177961 मरीजों ने उपचार कराए। 44369 मरीजों ने लैब में टेस्ट करवाए व 159020 मरीजों को दवा का निःशुल्क वितरण किया गया। वहीं 4321 मरीजों का श्रम विभाग में पंजीयन किया गया व इस विभाग में मरीजों के पंजीयन प्रकरण के लिए 2608 आवेदन प्राप्त हुए।

दाई-दीदी क्लीनिक के 720 शिविर में 56569 मरीजों ने उपचार कराया। लैब टेस्ट 12758 लोगों ने कराया। इसके तहत 52570 लोगों को निःशुल्क दवा का वितरण किया गया।
जांच की सुविधा फ्री में और दवाइयां भी मुफ्त मोबाइल मेडिकल यूनिट के स्वास्थ्य शिविर की बात करें तो नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत दो मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं 1 दाई-दीदी क्लीनिक संचालित है। तीनों मेडिकल यूनिट के माध्यम से शिविर का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। आने वाले मरीजों का परीक्षण मुफ्त में किया जाता है वही जहां दवाइयों की आवश्यकता होती है तो मरीजों को फ्री में दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही है।

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