
भिलाई रविवार को छठवें दिन श्री एकांतेस्वर महादेव की कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि संसार एक कदम भी प्रभु की इच्छा से भी नहीं चल सकते आज जो लोग भक्ति भाव में डूबे हुए वे केवल उसकी करुणा से है पंडित मिश्रा ने कहा कि इतना जरूर स्मरण रहे कि इसमें वह लोग जब स्वर्ण रजत के आभूषण खरीदने जाते हैं तो उसको परखने वाले को साथ ले जाते हैं या उसका नाम ही सराफा व्यापारी सही आभूषण दे देता है ठीक उसी प्रकार गुरु का नाम ही ऐसा है जिसके मंत्र हमारी से इसमें से नारायण नारायण रुपीस हीरा हमें प्राप्त होता है जीवन की शुरुआत साधारण नहीं है जब भी मन लगे भगवान की भक्ति में तब गुरु की वाणी या दीक्षा के सहारे भगवान का भजन करले निश्चिती है इससे शिव तत्व की प्राप्ति जरूर होगी







