
शिव महापुराण के पहले ही दिन लाखों की भीड़:पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे ने उतारी आरती तो Devendra Yadav विधायक ने मां के साथ सुनी कथा
By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के भिलाई में शिव महापुराण कथा का आयोजन मंगलवार से शुरू हो गया है। पहले दिन कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने एकांतेश्वर महादेव की कथा सुनाई। व्यास पीठ पर बैठे पं. प्रदीप मिश्रा की पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने आरती उतारी। वहीं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव अपनी मां के साथ कथा सुनने पहुंचे। उन्होंने आम भक्तों की तरह जमीन पर बैठकर कथा श्रवण की।
कथा के दौरान पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भाग्य लिखने वाले देवता हैं, लेकिन भाग्य बदलने वाले महादेव हैं। पं. प्रदीप मिश्रा के भक्त तपती गर्मी में भी वहां पहुंचे। पंडाल के नीचे चिलचिलाती धूम में लाखों की संख्या में भक्त सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक एक ही जगह पर बैठे कथा सुनते रहे।







पहले दिन ही इतने अधिक भक्त आ गए कि कथा स्थल में बने पंडाल के बाहर से लेकर आस-पास की जगह यहां तक की सड़क के किनारे बैठकर भक्तों ने कथा सुनी। आयोजन समिति पंडाल के अंदर पानी की व्यवस्था तो नहीं कर पाई, लेकिन अलग-अलग संस्था और समाज सेवियों ने पानी और शरबत के स्टॉल लगाए। साथ ही मेडिकल पोस्ट में भी डॉक्टरों की टीम पूरे समय तैनात रही।

व्यवस्थापकों को नहीं पता कौन सा द्वार कहां, भटकते रहे लोग
आयोजन स्थल पर किसी तरह की कोई अव्यवस्था न हो इसके लिए अलग-अलग पार्किंग से लेकर पंडाल में जाने के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए। द्वार के मुताबिक वीआईपी और वीवीआईपी पास भी बांटे गए थे, लेकिन व्यवस्था में लगे व्यवस्थापकों यह तक नहीं पता था कि कौन सा द्वार किधर है। इसके चलते वे लोगों को इधर उधर भटका रहे थे।
पुलिस व्यवस्था को लेकर एसपी दुर्ग की तारीफ
पं. प्रदीप मिश्रा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दुर्ग पुलिस की व्यासपीठ से तारीफ की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आयोजन में चोरी की पूरी प्लानिंग की थी, लेकिन दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने उन्हें आयोजन से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। उनकी बेहतर कार्यवाही चलते चोरी की घटनाओं पर रोक लग पाई है। इसके अलावा भी आयोजन स्थल में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था काफी बेहतर तरीके से की गई है।





बाबा के भजन में झूमे भक्त
शिव महापुराण कथा के दौरान पं. प्रदीप मिश्रा के भजन में भक्त जमकर नाचे। पंडित प्रदीप मिश्रा ने लुटा दिया भंडार काशीवाले ने, कर दिया मालामाल कशीवाले ने भजन गाया। इसमें सभी भक्त खड़े होकर झूमने लगे।








