
गैंगस्टर अतीक-अशरफ शूटआउट की जांच शुरू हो गई है. इसी कड़ी में न्यायिक आयोग के सदस्य यूपी एसआईटी की टीम के साथ प्रयागराज में उसी घटनास्थल पर पहुंची जहां पर दोनों भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस दौरान पूरे क्राइम सीन को एक बार फिर से दोहराया गया.
15 अप्रैल की रात को जिस तरह से अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को पुलिस की गाड़ी में मेडिकल चेकअप के लिए कॉल्विन अस्पताल लाया गया था ठीक वैसे ही आज भी क्राइम सीन रिक्रिएट करते हुए दो आदमियों को लाया गया. उनमें से एक को एकदम अतीक की तरह सफेद रंग का कुर्ता पजामा पहना था और सिर पर सफेद रंग का साफा पहना था, और दूसरे शख्स ने सफेद रंग के कुर्ते के साथ नीले रंग की जींस पहनी थी और सिर पर सफेद साफा बांधा हुआ था.







क्राइम सीन रिक्रिएट करते हुए दोनों को आदमियों को अतीक और अशरफ की तरह ही पुलिसवाले पकड़कर अस्तपाल के अंदर लाते हैं और फिर वहां मीडियाकर्मी बनकर खड़े लोग उनके सामने आ जाते हैं और दोनों से सवाल जवाब शुरू कर देते हैं. तभी एक हमलावर जिसने सबसे पहले गोली चलाई वो पीछे की ओर से आता है और सीधा अतीक बने शख्स के सिर में गोली मार देता है, दूसरी गोली अशरफ को लगती है और दोनों एक साथ नीचे गिर जाते हैं. इसके बाद वहां अफरा-तफरी मच जाती है और तीनों हमलावर उन दोनों पर फायरिंग करते हैं.




इस पूरी घटना को एकदम उसी तरह रिक्रिएट किया गया, जिस तरह से उस दिन पूरी वारदात हुई थी. किसी भी बड़ी घटना के बाद पुलिस हमेशा क्राइम सीन को रिक्रिएट करती है. इससे पुलिस को इस बात की जानकारी मिलती है घटना वाले दिन आखिर हुआ क्या था और कैसे इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया था. इससे पूरे मामले की जांच करने में मदद मिलती है.







